भाजपा सांसद का विवादित बोल, कहा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसान नहीं

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. पूर्व गृहमंत्री व भाजपा के राज्यसभा सदस्य शिव प्रताप शुक्ला का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने दिल्ली में कृषि के विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान फाइव स्टार वाली सुविधा लेने वालों को किसान मानने से इनकार कर दिया है। साथ ही दावा किया है कि सरकार को पूंजीपतियों का नाम लेकर सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गयी है। सरकार किसी भी हालत में कानून वापस नहीं लेगी। कारण कि बिल किसानों के हित में है और सरकार न तो मंडी समाप्त कर रही है ना ही न्यूनतम समर्थन मूल्य।

भाजपा नेता के आवास पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिले में हारी हुई विधानसभा क्षेत्रों में जीत के लिए भाजपा द्वारा हर विधानसभा के लिए एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। जो विधानसभा में जाकर हार के कारणों को तलाश कर रहा है और वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत की रणनीति भी तैयार कर रहा है। उन्हेें सगड़ी विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिम्मत दिखाई है। मोदी सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून से किसानों को लाभ होगा। उन्होने कहा कि न तो मंडी समाप्त हो रही है और न ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) हो रहा है। उन्होने जोर देकर कहा कि तीनों कृषि कानून समाप्त नहीं होगें।

पूर्व मंत्री ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ किसान विवाद कर रहे है कि बिना तीनों बिल रद्द किये हुए वार्ता नहीं होगी, ये सही नहीं है। दिल्ली में किसान आन्दोलन का जो वातावरण देख रहे है वह कहीं से किसान नहीं दिख रहे है। बैठकर मसाज करा रहे है और फाइव स्टार होटलों की सुविधा ले रहे है। उन्होने कहा कि हम पहले से भी किसानों के हितों के लिए काम करते रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हितो के अनेक योजनाएं शुरू की है।

BY Ran vijay singh