यूपी में ग्राम पंचायतों के भंग होने पर अखिलेश यादव का सीएम योगी पर तीखा व्यंग्य, लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट न करे भाजपा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने 74 जिलों में ग्राम पंचायतों को भंग कर दिया है। बिना पंचायत चुनाव कराए ग्राम प्रधानों की शक्तियों को शून्य कर देने पर यूपी की तमाम पार्टियां सवाल उठा रहीं हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा की यूपी सरकार और उसके मुखिया योगी आदित्यनाथ पर निशान साधते हुए कहाकि, भाजपा लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट न करे।

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प्रदेश के सबसे छोटी ईकाई का चुनाव सही समय पर न कराने में असफल रहीं भाजपा सरकार को आईना दिखाते हुए समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रविवार को अपने ट्विट के जरिए खिंचाई करते हुए कहाकि, उप्र में भाजपा सरकार ने बिना नये चुनाव कराये ‘ग्राम पंचायतें’ भंग कर दी हैं। बड़े-बड़े चुनाव तो हो रहे हैं लेकिन लोकतंत्र में जन प्रतिनिधित्व की सबसे छोटी इकाई के चुनावों के लिए सरकार अपने को अक्षम बता रही है, ऐसी सरकार उप्र क्या चलाएगी। भाजपा लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट न करे।

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उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत (UP Gram Panchayat 2020) भंग :- उत्तर प्रदेश के कुल 59,163 ग्राम पंचायतों के मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो गया है। सरकार ने यूपी के 74 जिलों में ग्राम पंचायतों को भंग कर दिया है। 3 जनवरी 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष जबकि 17 मार्च को क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में प्रदेश में एक साथ ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, 823 ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सदस्य और 75 जिले पंचायत के सदस्यों के 3200 पदों पर चुनाव कराए जाने हैं।

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