ग्राम पंचायत भंग होने के बाद प्रशासन ने नियुक्त किया प्रशासक, इन कर्मचारियों को रास नहीं आ रहा फैसला

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले के सभी 22 ब्लाकों के 1858 ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिया है। सरकार का यह फैसला पंचायती राज परिषद के पदाधिकारियों को रास नहीं आ रहा है। पदाधिकारियों ने बैठक कर प्रमुख सचिव पंचायती राज के नाम ज्ञापन भेज प्रशासक नियुक्त करने का विरोध जताया है ।

बता दें कि सामान्य निर्वाचन 2015 के बाद गठित ग्राम पंचाचतों का कार्यकाल 25 दिसंबर की रात 12 बजे से समाप्त हो गया। ग्राम पंचायतों के सामान्य निर्वाचन 2021 के बाद गठित की जाने वालीं नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक के लिए निर्धारित की जाने वाली तिथि या अधिकतम छह माह के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार ने सभी 22 विकास खंडों की 1858 ग्राम पंचायतों के लिए प्रशासक की नियुक्ति कर दी है।

उन्होंने बताया कि नामित प्रशासक सहायक विकास अधिकारियों को ग्राम प्रधान और समितियों के समस्त शक्तियों, कार्यों और कर्तव्यों की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि डीपीआरओ लालजी दुबे ने बताया कि नामित प्रशासक को निर्देशित किया गया है वे अपने से संबंधित ग्राम पंचायतों में 25 दिसंबर तक आवंटित धनराशि और आहरित धनराशि के साथ ही कराए गए कार्यों का भौतिक सस्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने बताया कि एडीओ पंचायत अमरजीत सिंह विकासखंड अहरौला, बाबूराम यादव अतरौलिया, रामअशीष सिंह अजमतगढ़, सुबाष चंद्र पांडेय बिलरियागंज, असबिद यादव हरैया व जनार्दन सिंह जहानागंज, एडीओ कृषि दिनेश प्रसाद मेंहनगर, एडीओ पंचायत रामआसरे यादव कोयलसा, अखिलेश राय ठेकमा,संजय कुमार श्रीवास्तव फूलपुर, रमेश शुक्ला एडीओ आइएसबी मार्टीनगंज, एडीओ पंचायत मनोज कुमार श्रीवास्तव महराजगंज, सुरेश प्रजापति मिर्जापुर, मिथिलेश राय मुहम्मपुर, लालजी राय पल्हनी, पारसनाथ यादव पवई, सुनील कुमार मिश्र रानी की सराय, सुबाषचंद्र शर्मा सठियांव व त्रिवेणी प्रसाद सिंह तहबरपुर, एडीओ सहकारिता राजकुमार बत्रा पल्हना, एडीओ समाज कल्याण रामअधार राम तरवां और एडीओ कृषि मिठाईलाल पाल को लालगंज ब्लाक का प्रशासक नामित किया गया है।

वहीं दूसरी तरफ पंचायती राज परिषद ने प्रशासन के फैसले के खिलाफ जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीडीओ और डीपीआरओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी। जिलाधिकारी को प्रमुख सचिव पंचायती राज के नाम ज्ञापन सौंपा। सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि शासनादेश के साथ विकास खंड में प्रशासक नामित करने के संबंध में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया था। अनुरोध किया गया था कि नियमसंगत एवं निष्पक्ष रूप से प्रशासन नामित किया जाय लेकिन आदेश को अपने हिसाब से परिभाषित करते हुए गुमराह किया गया है। नतीजा नियम विरुद्ध आदेश जारी करवा दिया गया। मांग किया कि तीन दिन के अंदर संशोधित करते हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत को उन विकास खंडों का प्रशासक बनाया जाए, जहां अन्य सहायक विकास अधिकारी को प्रशासक बनाया गया है। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो तीन दिन बाद कार्य बहिष्कार एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

BY Ran vijay singh