भूमि से अवैध कब्जा हटवाने गयी टीम पर पथराव, मौके से भागे अधिकारी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. सरायमीर थाना क्षेत्र के खरेवां गांव में भूमि पर वनवासी समाज द्वारा किया गया अवैध हटवाने गयी राजस्व टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। जिसके कारण तहसीलदार निजामाबाद सर्वेश कुमार गौर व राजस्व टीम को मौके से भागना पड़ा। कब्जा हटाने का विरोध कर रहे लोगों ने अधिकारियों पर पूर्वजों की भूमि जबरन खाली कराने का आरोप लगाया जबकि अधिकारियों का दावा था कि उक्त भूमि दूसरे लोगों को बहुत पहले पट्टा हो चुकी है लेकिन उसे कब्जा लेने नहीं दिया जा रहा है। बहरहाल पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।

निजामाबाद तहसील क्षेत्र के खरेवा गांव में शाहपुर रोड पर वनवासी समाज के लोग आवास बनाकर रहते हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार उक्त भूमि कुछ लोगों के नाम पट्टा है। लेकिन भूमि पर वनवासी समाज के लोगों ने अवैध रूप से छप्पर आदि रखकर कब्जा कर रखा है। जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। भू-स्वामियों की शिकायत पर तीन माह पूर्व तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटवाया था लेकिन उसके बाद वनवासियों ने उस भूमि पर फिर कब्जा कर लिया।

शनिवार को तहसीलदार सर्वेश कुमार गौर क्षेत्रीय लेखपाल राहुल सिंह, सुनील प्रजापति, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह यादव, महिला पुलिस के साथ दोबारा अवैध कब्जा हटाने पहुंचे। कब्जे को हटवा दिया गया लेकिन जब जेसीबी बुलाकर खोदाई कराने की बात आई तो वनवासी भड़क गए और ईंट-पत्थर फेंकने लगे। पथराव शुरू हुआ तो राजस्व टीम मौके से हट गयी और इसकी जानकारी उपजिलाधिकारी निजामाबाद को दी।

इसके बाद एसडीएम थानाध्यक्ष सरायमीर अनिल कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और वनवासियों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद भूमि से कब्जा खाली कराया गया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि उक्त भूमि 1976 में पांच लोगों के नाम से आवंटित की गई थी लेकिन वहां बसे वनवासी कब्जा नहीं लेने दे रहे थे। ऐसे में प्रशासन को कब्जा कराना पड़ा। बहुत पहले एक अभियान चला था कि जो लोग नसबंदी कराएंगे उनको भूमि आवंटित की जाएगी। उसी अभियान के तहत यह भूमि आवंटित की गई थी। वनवासी समाज के लोग एक नाली को लेकर आक्रोशित थे। उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।

BY Ran vijay singh