किसान संगठनों की अहम बैठक आज, कल के वार्ता की रणनीति करेंगे तैयार..

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन पिछले एक महीने से जारी है. केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई बार बातचीत हुई लेकिन सभी बेनतीजा रही. और आज 33वें दिन भी किसान आंदोलन जारी है. किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं. दिसंबर की ठंड भी उन्हें उनके इरादों से पीछे नहीं हटा सकी.

अब एक बार फिर कल किसान नेताओं और सरकार के बीच वार्ता होनी है. इस वार्ता पर सबकी नजर रहेगी और सब यह चाह रहे हैं कि इस बार कोई हल निकले आये और ये आंदोलन अब खत्म हो. इस क्रम में आज किसान संगठनों की अहम बैठक होगी और कल की रणनीति तैयार करेंगे.

जानकारी के लिए बता दें कि ये बैठक कल यानी 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे होगी. इस बीच किसान नेताओं ने सरकार के सामने ये मांग रखी है कि बैठक में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और MSP को कानूनी दर्जा देने पर बात की जाए और इन्हें बहस के मुद्दों में शामिल किया जाए.

दरअसल आक्रोश की इस आग में विपक्ष घी डालने का काम कर रहा है. किसानों की आड़ में विपक्ष दलों ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा है. इस बीच सियासी गहमागहमी भी अपने अंतिम चरम पर है. प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. इसका फायदा विपक्ष पूरी तरह से उठाने में लगा है.

लेकिन केंद्र सरकार और पीएम मोदी किसानों को शुरू से ही समझा रहे हैं कि यह कानून आपके फायदे के लिए है लेकिन किसान इस बात को मानने को तैयार नहीं है. अब इस बात का कल ही खुलासा होगा कि क्या ये आंदोलन आगे और तेज होगा या केंद्र सरकार इस बार की वार्ता में इस समस्या का कोई हल निकाल पाती है.