Countdown 2020: कमिश्नरेट लागू होने पर गंभीर अपराधों में कमी, लेकिन बढ़ गए ये क्राइम, देखें पूरी लिस्ट

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर (सीपी) आलोक सिंह ने जनपद में कमिश्नरेट बनने के बाद गंभीर अपराधों में कमी का दावा किया है। हालांकि उन्होंने आर्थिक और साइबर अपराधों में वृद्धि की बात स्वीकार की। इसके लिए उन्होंने जिले में तेजी से बढ़ती आर्थिक गतिविधियों को मुख्य कारण बताया। दरअसल, पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह अपराधों का वार्षिक लेेखा-जोखा लेकर बुधवार को मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया पुलिस आयुक्त प्रणाली की स्थापना के बाद जिले के विभिन्न हिस्सों का गहन अध्ययन किया गया। उसके बाद सामाजिक, आर्थिक विविधता और गतिशीलता के मद्देनजर प्रभावी पुलिसिंग के लिए जिले को तीन हिस्सों नोएडा, मध्य नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बांटा गया।

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उन्होंने बताया कि दूसरे सुधार के तहत साइबर क्राइम, टै्रफिक, महिला सुरक्षा और गंभीर अपराधों के लिए विशेष व्यवस्था की गई। जिले में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद विभाग के राजपत्रित अधिकारियों के पदों में 23 और सभी अराजपत्रित अधिकारियों की उपलब्धता में 1163 की वृद्धि हुई है। डॉयल-112 के वाहनों में वर्ष-2019 के मुकाबले इस वर्ष 40 वाहनों का इजाफा हुआ है। उन्होंने किसी वारदात में पुलिस के रिस्पांस टाइम के भी कम होने का दावा किया। पुलिस आयुक्त ने ट्रैफिक पुलिस बल और उनके लिए वाहनों की संंख्या में भी इजाफा होने की बात कही।

क्राइम में पिछले वर्ष के मुकाबले कमी आई

पुलिस आयुक्त ने बताया कि वर्ष-2019 में कुल 82 मुठभेड़ हुई थी। जबकि वर्ष-2020 में 135 मुठभेड़ हुई। इसी तरह बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष मुठभेड़ में 150 के मुकाबले 244 बदमाशों की गिरफ्तारी हुई। बीते वर्ष 31 के मुकाबले इस वर्ष 46 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। बीते वर्ष कुल 81 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में जख्मी हुए थे। जबकि इस वर्ष यह संख्या 184 हो गई। डकैती में 67 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। लूट की वारदार में 60 फीसदी की गिरावट। चेन स्नैचिंग में 30 फीसदी की कमी आई है। जिले में वाहन चोरी में भी 48 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। सामान्य चोरी की वारदात में 53 फीसदी कमी आई है। हत्या के मामले में लगभग 18 फीसदी की कमी दर्ज की गई। हत्या के प्रयास में 34 प्रतिशत की कमी आई है। फिरौती के लिए अपहरण और दूसरे अपहरण की वारदात में कोई खास कमी नहीं हुई है, लेकिन दुष्कर्म के मामलों में 61 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

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भूमाफियाओं पर कसा शिकंजा

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिले में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद संगठित अपराध में लिप्त माफिया, भूमाफिया और अन्य अपराधियों पर जबरदस्त प्रहार किया गया है। बीते एक वर्ष में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई। पुलिस की विश्वसनीयता का ही परिणाम रहा कि 40 से अधिक एनजीओ के लोग पुलिस के साथ जुड़े। पुलिस ने भी दवाएं और राशन पहुंचाने का काम किया। आपात हेल्पलाइन 112 पर 1500 कॉल मिली, जिन्हें तत्काल मदद पहुंचाई गई। सीपी कार्यालय में स्थापित गोदामों से तीन लाख से अधिक लोगों को राशन, पका हुआ भोजन, मास्क, सेनिटाइजर और सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले में कानून और शांति व्यवस्था कायम रखने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के मकसद से नई कार्ययोजनाओं में 11 थाने और 02 पुलिस चौकियों की स्थापना का काम चल रहा है। इनमें 05 थाने जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी में स्थापित किए जाने हैं।