बिहार : जेडीयू का अध्यक्ष पद संभालते ही RCP सिंह ने BJP को दे दी चेतावनी

बिहार में बदले हुए राजनीतिक हैसियत के साथ भाजपा और जेडीयू ने सरकार तो बना ली लेकिन आने वाले 5 साल इस सरकार के लिए अग्नि परीक्षा साबित होने वाले हैं. रविवार को जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसका ट्रेलर दिखा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेडीयू का अध्यक्ष पद छोड़ कर अपने करीबी RCP सिंह को उस पर बैठा दिया. अध्यक्ष बनते ही RCP सिंह ने BJP को चेतावनी दे डाली कि जेडीयू न तो किसी की पीठ में छुरा मारती है और न किसी को मौका देती है कि कोई जेडीयू की पीठ में छुरा मारे.

नए नए अध्यक्ष बने RCP सिंह का सीधा इशारा अरुणाचल प्रदेश के घटनाक्रम पर था, जिसमे जेडीयू के 7 में से 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष बनने के बाद बोलते हुए RCP सिंह ने ये भी साफ कर दिया कि जेडीयू नीतीश कुमार के खिलाफ एक शब्द नही बर्दाश्त करेगी. TCP सिंह के ये शब्द साफ साफ भाजपा को चेतावनी थी कि राज्य में बड़ा भाई भले ही भाजपा बन गई हो लेकिन वो कम सीटों के बावजूद मुख्यमंत्री बनने वाले नीतीश को अपमानित करने की कोशिश न करे.

अरुणाचल की घटना पर बोलते हुए RCP सिंह ने कहा “हम जिसके साथ भी रहते हैं, पूरी ईमानदारी के साथ रहते हैं. हम कोई साजिश नहीं रचते हैं. हम हमेशा अपने सहयोगियों के प्रति ईमानदार रहते हैं मगर अरुणाचल में जो हुआ वह सही नहीं था.” उन्होंने भाजपा को 2010 की याद दिलाई और कहा कि “आज जो भी लोग स्ट्राइक रेट की बात कर रहे हैं और चेहरे की बात कर रहे हैं उन्हें 2010 का विधानसभा चुनाव याद करना चाहिए. चुनाव के परिणाम आने से पहले ही बीजेपी बड़ी-बड़ी बातें कर रही थी मगर जब नतीजा आया तो जनता दल यूनाइटेड का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी था.”

जो भी बातें RCP सिंह ने जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कही वो बातें बतौर NDA के मुख्यमंत्री होते हुए नीतीश कुमार नही कह सकते थे. क्योंकि भाजपा और जेडीयू के बीच 31 सीटों का फासला है और इस फासले के मतलब को नीतीश अच्छी तरह समझते हैं. शायद यही वजह है कि उन्होंने अध्यक्ष पद खुद छोड़ कर उसपर अपने करीबी को बैठा दिया ताकि भाजपा को वक़्त-बेवक़्त जवाब मिलता रहे.