5.55 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की, नगर में निकली रैली

बाराबंकी. भारत को पोलियो से मुक्त कराने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से सघन पल्स पोलियो अभियान पिछले कई सालों से चलाया जा रहा है, ताकि अब कोई भी बच्चा पोलियो ग्रस्त न हो। इसको लेकर एक बार फिर 31 जनवरी से राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम शून्य से लेकर 5 वर्ष तक के 5.55 लाख बच्चों को जिले के 1485 बूथों पर दवा पिलाई जायेगी। इस कार्यक्रम की शुभारम्भ जिलाधिकारी डॉक्टर आदर्श सिंह ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं जन-जागरूकता रैली को हरी झंण्डी दिखाकर केडीसिंह बाबू स्टेडियम के पास से रवाना किया गया।

यह जानकारी उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला प्रतिक्षण अधिकारी डा राजीव सिंह ने दी । उन्होने आगे बताया अभियान के तहत जिले में शून्य से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों को शत प्रतिशत रूप से पोलियो खुराक पिलाये जाने के उद्देशय से डोर टू डोर कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। इस अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीकेएस चौहान की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर किया गया, यह रैली शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए जिला महिला चिकित्सालय में एक गोष्ठी में परिवर्तित हो गई । उन्होने बताया कि सघन पल्स पोलियो अभियान को सफल क्रियान्वन के लिए स्वास्थ्य विभाग, आशा, ऐनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेंत अन्य ने स्थायी बूथों पर दवा पीने से वंचित रहने वाले बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो रोधक दवा पिलाई जायेगी।

जिला प्रतिक्षण अधिकारी ने बताया पोलियों अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में 1485 बूथ बनाए गए हैं, जहाँ पर 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5 लाख 55 हजार 716 बच्चों को पोलियो कि दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । कुल घर भ्रमण टीमों की संख्या 1 हजार 113, बूथ पर्यवेक्षक 348, कुल टीम पर्यबेक्षकों की संख्या 342, कुल ट्रांजिट टीमों की संख्या 104 व इसके साथ ही वैक्सीन की कुल मात्रा डोज में 6 लाख 72 हजार है।

पोलियो खतरनाक बीमारी

जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डा बीकेएस चौहान ने बताया पोलियो या पोलियोमेलाइटिस एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है। पोलियो वायरस से होता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। साथ ही यह वायरस जिस भी व्यक्ति में प्रवेश करता है उसके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से लकवा भी हो सकता है।उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि शून्य माह से लेकर पांच वर्ष तक आयु के बच्चों को पोलियो की अतिरिक्त खुराक जरुर पिलाएं। इस अवसर पर समस्त अपरमुख्य चिकित्सा अधिकारी ,उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ उपान्त डोगरे, यूनिसेफ प्रतिनिधि नितिन खन्ना सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।