Bird Flu Panic: अंडे और चिकन के कारोबार में करोड़ों का नुकसान, बढ़ रही मछली और मटन की मांग

कानपुर. बर्ड फ्लू (Bird Flu) की दस्तक का सबसे ज्यादा असर चिकन और अंडे के कारोबारियों पर पड़ा है। मार्केट में अंडे और चिकन के कारोबार की गिरती मांग कारोबार पर बुरा असर डाल रही है। करीब 60 से 70 फीसदी चिकन कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं लोगों का रुझान अब मछली और मटन की ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में ही मछली की बिक्री में तीन गुना और मटन की बिक्री में दोगुना इजाफा हुआ है।

कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान

कानपुर में चिकन और अंडे का कारोबार तीन दिन में 95 फीसदी गिर गया है। इससे चिकन और अंडे के कारोबारियों का छह करोड़ रुपयों का कारोबार प्रभावित हुआ है। बीते रविवार को प्रतिबंध लगने के बाद भी दूर के क्षेत्रों में चिकन खरीदने वाले लोगों ने अब इससे दूरी बना ली है। इसका प्रभाव शहर के बाहरी हिस्सों में अब तक बिक रहे चिकन और अंडे पर पड़ रहा है। चिड़ियाघर में भी पक्षियों को चिकन खिलाने पर रोक लगा दी गई है। अब चिडिय़ाघर से 10 किलोमीटर के दायरे में चिकन नहीं मिल रहा है। होटल में भी चिकन की मांग खत्म होने से मटन की मांग बढ़ी है।

दोगुनी हो गई मटन की मांग

कानपुर के मटन कारोबारी राजेश बंगाली के अनुसार, पहले रोज तीन से चार बकरे बिकते थे, लेकिन अब इनकी संख्या दोगुनी हो गई है। इनके दाम में भी बढ़ोत्तरी नहीं की गई। साथ ही मछली की बिक्री भी बढ़ी है। तीन गुना तक मछली की बिक्री में इजाफा हुआ है। मछली की कीमतें भी अलग-अलग हैं। सबसे ज्यादा बिकने वाली टैगन के भाव 175 रुपये प्रति किलो के आसपास हैं।

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