जिले के सारे नायब तहसीलदार हुए पैदल, आखिर अब कैसे पूरी करेंगे जिम्मेदारी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. तहसीलों में तैनात नायब तहसीलदारों की मुश्किल बढ़ गयी है। कारण कि सारे के सारे नायब तहसीलदार पैदल हो गए है। उन्हें चलने के लिए जो सात सीटर वाहन मिले थे उनका अनुबंध चार दिन पहले समाप्त हो गया। इसके बाद वाहन स्वामियों नेे अपना वाहन वापस बुला लिया है। इसका सीधा असर राजस्व वसूली व अन्य कार्यो पर पड़ रहा है। कारण कि इतने बड़े क्षेत्र में अधिकारियों के लिए पैदल चलकर जिम्मेदारियों को पूरा करना संभव नहीं है। यही नहीं विवादों के निस्तारण में भी परेशानी हो रही है।

बता देें कि जिले में सदर, निजामाबाद, सगड़ी, लालगंज, मेंहनगर, फूलपुर, बूढ़नपुर, मार्टीनगंज कुल आठ तहसील हैं। इन तहसीलों में तैनात नायब तहसीलदारों को चलने के लिए सरकार ने सात सीटर वाहन अनुबंध पर लिया था। इसी वाहन से नायब तहसीलदार क्षेत्र में भ्रमण करके राजस्व की वसूली करते थे। बकाएदारों द्वारा रुपये न जमा करने पर उन्हें पकड़कर हवालात में भी डालते थे।

इसके अलावा तहसील क्षेत्र के प्रमुख विवादों को भी सुलझाने में नायब तहसीलदार को मिली गाड़ी काफी कारगर साबित हो रही थी, लेकिन चार दिन पूर्व नायब तहसीलदारों को मिली गाड़ियों का अनुबंध समाप्त हो जाने से सभी वाहन अपने पास बुला लिए हैं। गाड़ियां चली जाने से नायब तहसीलदार पैदल हो गए हैं। हालत यह है कि राजस्व वसूली सहित तमाम कार्य ठप हो गए हैं।

जिला प्र्रशासन समस्या के समाधान में जुटा है। वाहन उपलब्ध कराने के लिए रिपोर्ट तैयार कर राजस्व परिषद को भेजी गई है। वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी लेकिन इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता दिख रहा है। जबतक वाहन नहीं होगा इन अधिकारियों के लिए जिम्मेदारी पूरी करनी आसान नहीं होगी।

BY Ran vijay singh