कृषि कानून को लेकर हरियाणा सरकार में उथल-पुथल जारी, जेजेपी के विधायक टूटे तो निर्दलीय भी छोड़ सकते हैं बीजेपी का साथ

नए कृषि कानून के विरोध में सड़क पर उतरे किसान झुकने को तैयार नहीं हैं. किसानो के आंदोलन को लेकर आज उनका 49वां दिन है. सरकार से कई दौर की बैठक के बाद भी किसान अड़े हुए है कि सरकार नये कृषि कानून को वापस लें. लेकिन सरकार की तरफ से भी बता दिया गया है कि इस कानून को वापस नही लिया जा सकता है. लेकिन सरकार किसान के साथ बैठकर इस पर संशोधन करने को तैयार है. इन सबके बीच अब हरियाणा सरकार में घमासान शूरु हो गया है.

किसान आंदोलन शूरु होने के बाद से हरियाणा सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है. हरियाणा में उसके सहयोगी दल जेजेपी और कई निर्दलीय विधायक सरकार से नाराज़ चल रहे है. कल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मुलाकत की है. वहीं इन सबके बीच कांग्रेस को हरियाणा में बीजेपा पर हमला बोलने का मौका मिल गया है.

वहीं कांग्रेस विधानसभा में भाजपा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तौयारी में है. क्योंकि बताया जा रहा है कि अगर चौटाला की पार्टी ने भाजपा से अपने हाथ पीछ खींच लिए तो निर्दलीय विधायक भी भाजपा सरकार से इस्तीफा दे सकते हैं. जानकारी के लिए बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र्र सिंह हुड्डा पहले ही राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का ऐलान कर चुके हैं. कांग्रेस का मानना है कि दुष्यंत चौटाला सरकार का साथ नहीं छोड़ेंगे, ऐसे में उनके विधायक बगावत का रास्ता अपना सकते हैं. अविश्वास प्रस्ताव इसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि किसानों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सके.



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