महाराष्ट्र सरकार में फिर से शूरु हुई बगावत,शिवसेना ने की औरंगाबाद का नाम बदलने की बात तो कांग्रेस ने कही ये बात

कांग्रेस के अंदर पहले से ही कुछ ठीक नही चल रहा है. फिर चाहे वो अध्यक्ष पद को लेकर हो  या फिर जहां उनकी सरकार गठबंधन में है उसको लेकर हर जगह कांग्रेस के सामने दिक्कत है. अब अगर बात करें महाराष्ट्र की तो वहां पर भी कांग्रेस पिछलग्गू बनकर सरकार का हिस्सा है. वहीं जबसे महाराष्ट्र में उद्धव सरकार बनी है तबसे वो सुर्खियों में है. अब एक बार फिर से सरकार के अंदर महाभारत शूरु हो गई है.

अबकी बार खींचतान औरंगाबाद के नाम को बदलने के लिए हो रही है. उद्धव औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करना चाह रहे हैं. जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. यहां तक की कांग्रेस ने शिवसेना को नसीहत दी है कि वह कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर ही सरकार के सारे फैसले करे और जो भी निर्णय हों वो सभी दलों की सहमति से हों.

जानकारी के लिए बता दें कि शिवसेना बहुत पहले से ही औरंगाबद का नाम बदलना चाह रही थी. ये मांग तब से हो रही है जब शिवसेना बीजेरी के साथ महाराष्ट्र में गठबंधन में थी. अभ जब वो सरकार में है तो इस काम को अमल करना चाहती है. लेकिन कांग्रेस इसमे अंड़गा लगा रही है. जिसके बाद एक बार फिर से महाआघाड़ी में महाभारत शूरु हने की उम्मीद जताई जा रही है.

Nagpur: NCP president Sharad Pawar with Maharashtra chief Minister Uddhav Thakreay during a feliciatation function on the occasion of former Prseident Pratibha Patil’s 85th birthday, in Nagpur, Wednesday, Dec. 18, 2019. (PTI Photo) (PTI12_18_2019_000292B)

वहीं महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बाला साहब थोराट ने औरंगाबाद के अपने दौरे पर मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘महाअघाड़ी सरकार का गठन एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर हुआ है. हमारे सारे फैसले इसी प्रोग्राम के आधार पर होने चाहिए. औरंगाबाद का नाम बदलने का फिलहाल कोई भी प्रस्ताव अघाड़ी के दलों के बीच नहीं है और अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो हम उसका विरोध भी करेंगे. महाराष्ट्र में सरकार का कोई भी फैसला महाअघाड़ी के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से हटकर नहीं होगा.’