कोरोनाकाल में पुलिस की मनमानी पड़ी महंगी, थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मी निलंबित, पांच पर मुकदमा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

भदोही. कोरोनाकाल मे पुलिस की मनमानी अब उसी पर भारी पड़ने लगी है। ताजा मामला भदोही जिले का है जहां अनलॉक में रोजगार के लिए ट्रक पर सवार 40 मजदूरों को पकड़ कर पुलिस ने बंधुआ मजदूर पकड़ने का दावा किया और चालक के खिलाफ मानव तस्करी के तहत कार्यवाई कर दी। इस मामले में कोर्ट के निर्देश पर जब जांच हुई तो आरोप गलत निकले। इसके बाद झूठी कार्यवाई करने वाले थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और पांच के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है।

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मामला भीदोहीं जिले के कोइरौना थाना क्षेत्र का है जहां अनलॉक वन के दौरान 12 जुलाई को कोइरौना थाने की पुलिस ने एक ट्रक से 40 बंधुआ मजदूर मुक्त कराने का दावा करते हुए ट्रक को सीज कर दिया। चालक के खिलाफ मानव तस्करी एक्ट के तहत कार्यवाई की गई। बाद में इस मामले में न्यायालय के निर्देश पर वाराणसी के एसपी प्रोटोकाल अनुराग दर्शन को जांच का जिम्मा सौंपा गया।

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जांच में उन्होंने मामला झूठा पाया और इनकी रिपोर्ट भदोही एसपी को भेजी। इस रिपोर्ट के आधार पर भदोही के पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सात पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए इनमे से पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कोइरौना थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी संजय राय,उप निरीक्षक रामाशीष, आरक्षी रविन्द्र कुमार, विष्णु सरोज व प्रदीप कुमार पर मुकदमा दर्ज कर निलंबन की कार्यवाई की गई, वहीं विवेचना में लापरवाही पर दो उप निरीक्षक निलंबित किये गए हैं।

By Mahesh Jaiswal



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