पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में गवाही से रोकने के लिए हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हुई हत्या

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. बहुचर्चित पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में गवाही ने कर रहे इसलिए मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की गोलीमार कर हत्या की गयी। सीपू हत्याकांड में अजीत मुख्य गवाह था। उस पर गवाही न देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था लेकिन वह बात मामने को तैयार नहीं हुआ तो उसकी जुबान हमेशा के लिए बंद कर दी गयी। हत्या का आरोप माफिया कुंटू सिंह पर लगाया जा रहा है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि अजीत की हत्या के लिए तीन शूटर आजमगढ़ से भेजे गए थे।

बता दें कि अजीत सिंह माफिया ध्रुव कुमार सिंह कुंटू व अखंड प्रताप का करीबी माना जाता था। 19 जुलाई 2013 को बसपा विधायक सर्वेश कुमार सिंह सीपू की हत्या जीयनपुर स्थित उनके आवास के सामने कर दी गयी थी। उस समय हुई गोलीबारी में सीपू के करीबी भरत राय की भी गोली लगने से मौत हो गयी थी। इस मामले में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव निवासी कुख्यात अपराधी व पूर्व प्रमुख ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सहित 13 लोगों के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

इस मामले में जीयनपुर कोलवाली पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। ममाले की सीबीआई जांच भी करायी गयी है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में शीघ्र फैसला सुनाने का आदेश जारी किया है। कोर्ट में मामले की नियमित सुनवाई चल रही है। सीपू हत्याकांड के बाद से ही ध्रुव सिंह व अजीत सिंह के संबंध खराब हो गए थे। अजीत सिंह पूर्व विधायक हत्याकांड में मुख्य गवाह भी था। पूर्व विधायक के भाई संतोष सिंह टीपू की माने तो चार दिन बाद कोर्ट में अजीत सिंह की गवाही होनी थी। अजीत गवाही न दे इसके लिए उसे लगातार धमकाया जा रहा था लेकिन वह गवाही देने पर अड़ा था।

पुलिस सूत्रों की माने तो अजीत की हत्या के लिए आजमगढ़ से दो दिन पहले ही शूटर भेजे गए थे। यह शूटर एक बाहुबली के करीबी की मदद से लखनऊ में रुके थे। तीनों शूटर दो दिन से लगातार अजीत के हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए थे। कठौता चैराहे के पास स्थित उदयपुर टावर के पास अजीत को मोहर के साथ इत्मीनान से खड़ा देख कर तीनों शूटरों ने उसे घेर लिया और ताबड़तोड़ फायर कर हत्या कर दी। मोहर सिंह ने कुंटु सिंह व उसके साथियों पर ही हत्या करवाने का आरोप लगाया है। माना जा रहा है कि अजीत की हत्या से कुंटू की मुश्किल और बढ़ सकती है। कारण कि कुंटू पर पहले ही गैंगेस्टर लगाया जा चुका है। सरकार उसकी करोड़ों की संपत्ति जब्त करा चुकी है।

BY Ran vijay singh



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