कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री सरदार बूटा सिंह का दिल्ली में हुआ निधन,पीएम मोदी ने जताया दुख,राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

कल साल 2021 की शूरुआत हुई और एक उम्मीद के साथ की ये साल अच्छा बीतेगा. क्योंकि 2020 ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा के रखा है. कोरोना वायरस नें पूरे साल का सत्यानाश कर दिया था. इसलिए 2021 के आने का लोग बेसबरी से इंतज़ार कर रहे थे. साल के शूरुआत में देश को कोरोना वैक्सीन का भी तेहफा मिला है. लेकिन साल के दूसरे दिन ही राजनीति के गलियारे से एक दुखद खबर सुनने को मिली है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सरदार बूटा सिंह का आज सुबह निधन हो गया. 86 साल के बूटा सिंह काफी समय से बीमारी चल रहे थे. पंजाब के जालंधर के मुस्तफापुर गांव में जन्मे बूटा सिंह 8 बार लोकसभा के सांसद रहें. उनकी पहचान पंजाब के बड़े दलित नेता के तौर पर रही. उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बूटा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह एक ‘अनुभवी नेता और कुशल प्रशासक थे. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने गरीबों और समाज में हाशिये पर चले गए लोगों के लिए आवाज उठाई. पीएम ने कहा कि वे उनके निधन से दुखी हैं और उनकी संवेदना बूटा सिंह के परिवार के साथ है.’ 

बूटा सिंह केंद्रीय मंत्री के अलावा बिहार के राज्यपाल भी रह चुके है. बूटा सिंह गांधी परिवार के बहुत खासमखास नेताओं में से एक थे. बूटा सिंह राजीव गांधी की सरकार में साल 1986 से 1989 तक केंद्रीय गृह मंत्री रहे. इससे पहले राजीव गांधी की सरकार में ही 1984 से 1986 तक कृषि मंत्री का पदभार संभाला था. इसके अलावा बूटा सिंह 2004 से 2006 तक बिहार के राज्यपाल भी रहे थे. 2007 से 2010 तक मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला.



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