पहले जालसाजी कर लोगों से ऐंठा पैसा, फिर अपने अपहरण का किया झूठा नाटक, अब पुलिस की गिरफ्त में आया

बाराबंकी. पहले लोगों से जालसाजी कर खूब पैसा लिया और जब वापस करने की बारी आई तो खुद के अपहरण का ऐसा झूठा नाटक किया कि किसी को भी विश्वास हो जाये। बाराबंकी में जो कुछ एक जालसाज द्वारा किया गया वह किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं था, फर्क सिर्फ इतना था कि फिल्मों में ऐसी चालें कामयाब हो जाया करती हैं मगर यहां ड्रामेबाज जालसाज को जेल की हवा खानी पड़ी। पुलिस ने इस जालसाज के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है।

किराये पर रहने को हुआ मजबूर

बाराबंकी जनपद की थाना नगर कोतवाली इलाके के कटरा मोहल्ले में एक किराये का मकान लेकर रह रहे इस जालसाज का नाम अमरजीत चौहान है, जो जनपद गाजीपुर का रहने वाला है। आज यह पुलिस की गिरफ्त में यह आ गया है। गाजीपुर जनपद में रहकर अमरजीत अपने आप को बैंक का पीओ बताता था और गाड़ी, प्लाट आदि का व्यापार करने के नाम पर लोगों से पैसा ले रखा था। कुछ लोगों से इसने नौकरी लगवाने के नाम पर भी पैसा ले रखा था और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा चुका था। इसकी जालसाजी की वजह से ही गाजीपुर में कई मुकदमें दर्ज हो चुके थे और इसके पिता ने भी इसे इसके चालचलन के लिए घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। पैसे को रोज मांगने वालों का इकट्ठा होना और मुकदमे से बचने के लिए बाराबंकी आकर किराये पर रहने को यह सख्स मजबूर हो गया।

रची अपहरण की साजिश

जब इसका दोस्त इसे ढूंढते हुए बाराबंकी आया तो इसके शातिर दिमाग ने फिर एक चाल चली और उसके मोबाइल पर एसएमएस करके अपने अपहरण और दो लाख की फिरौती का झूठा नाटक रच डाला। दोस्त ने पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामला गम्भीर देखकर पुलिस सक्रिय हुई और अमरजीत को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ में जो तथ्य सामने आए वह चौंकाने वाले थे।

पुलिस ने किया खुलासा

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि गाजीपुर निवासी पंकज गिरि ने पुलिस में एक मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके दोस्त का अपहरण हो गया है और फिरौती के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की जा रही है। इसके लिए पंकज ने अपने मोबाइल पर आए एसएमएस को भी दिखाया। पुलिस ने इस सूचना पर काम करना शुरू किया और अमरजीत को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में अमरजीत ने बताया कि उसने खुद के अपहरण का झूठा नाटक किया था। अमरजीत ने नाटक की वजह बताते हुए खुलासा किया कि उसने गाजीपुर में काफी लोगों से जमीन, गाड़ी के कारोबार एवं नौकरी लगवाने के नाम पर पैसा ले रखा था, जिसे वह लोग अब मांग रहे थे। गाजीपुर में लिखे मुकदमे और पैसा मांगने वालों से बचने के लिए वह यहा किराये के मकान में रह रहा था। उसका दोस्त पंकज गिरि उसे ढूंढते हुए यहां आया था, तो उसके दिमाग में एक योजना आयी और उसने पंकज गिरि के फोन पर एसएमएस भेज कर खुद के अपहरण का नाटक खेला और फिरौती के रूप में दो लाख रुपये की मांग की। आज पुलिस ने अमरजीत चौहान को एक तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेजा दिया है।



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