एक्सप्रेस-वे हादसा : पति काेशिश करता रहा लेकिन नहीं खुली कार की खिड़कियां, जिंदा जल गई नवविवाहिता

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

आगरा. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे ( Agra Lucknow Expressway ) पर गुरुवार रात हुई एक दुर्घटना में नवविवाहिता ( Newlyweds ) कार के अंदर जिंदा ही जल ( burnt alive ) गई। दुर्घटना के बाद कार में आग लग गई और सेंट्रल लॉक से पूरी कार लॉक हो गई । पति खिड़की खोलने की कोशिश करता रहा लेकिन कामयाबी नहीं मिली और इस तरह जलती कार नवविवाहिता की चिता बन गई।

यह भी पढ़ें: RSS के सह कार्यवाहक पर तलवार के हमला, कार्यकर्ताओं ने जमकर काटा बवाल, तीन हिरासत में

यह दुर्घटना गुरुवार देर रात करीब 2:30 बजे हुई। मोहनलालगंज के रहने वाले विकास यादव की शादी 2 दिसंबर को लखनऊ के कृष्णानगर की रहने वाली रीमा के साथ हुई थी। गुरुवार को दोनों वृंदावन गए थे और मथुरा वृंदावन से दर्शन करके आगरा होते हुए वापस लखनऊ लौट रहे थे।

यह भी पढ़ें: हाेटल में रिश्वत लेते हुए पटवारी का वीडियाे वायरल, आप भी देखें

देर रात फतेहाबाद क्षेत्र में इनकी कार से अचानक धुआं उठने लगा। कार गरम हो गई और बोनट से धुआं निकलने लगा। पति ने धुआ निकलता हुआ देख गाड़ी रोक ली और बाहर निकल कर बोनट खोलने लगा। पत्नी रीमा कार के अंदर ही बैठी थी। इसी दौरान गाड़ी का सेंटर लॉक सिस्टम ऑन हो गया और गाड़ी लॉक हो गई। गाड़ी के बोनट से जो धुआं उठ रहा था उसे आग फैल गई और आग गाड़ी के अंदर भी चली गई। इस दौरान पति ने खिड़की खोलने की कोशिश की लेकिन वह खिड़की नहीं खोल सका उसने दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की लेकिन वह दरवाजा भी नहीं तोड़ पाया। आग बढ़ती गई और पूरी गाड़ी में आग लग गई। विकास ने इधर-उधर पत्थर की भी तलाश की ताकि वह शीशा तोड़ दे लेकिन वहां कोई पत्थर भी नहीं मिला और इस तरह पति के सामने ही नवविवाहिता जिंदा ही जल गई।


गाड़ी लॉक होने पर क्या करें
अक्सर सेंट्रल लॉक होने से गाड़ी की सभी खिड़कियां बंद हो जाती हैं और अगर दुर्घटना हो जाए या फिर गाड़ी का सेंट्रल लॉक सिस्टम फेल हो जाए तो ऐसे में खिड़कियां खोलना मुश्किल हो जाता है। इस दुर्घटना में भी कुछ ऐसा ही हुआ। ऐसे में हम आपको बता दें कि गाड़ी की अगली सीट के ऊपर जो हेड रेस्ट होता है उसको बाहर निकाल लें और उसके नुकीले हिस्से को अंदर की ओर से गाड़ी के शीशे पर मारे तो तुरंत शीशा टूट जाता है। कार के शीशे को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वह बाहर से चोट लगने पर नहीं टूटता लेकिन अगर अंदर से चोट मारी जाए तो वह आसानी से टूट जाता है। गाड़ी की अगली सीट के ऊपर लगे हेड रेस्ट में जो नीचे का हिस्सा नुकीला होता है उसे इसीलिए डिजाइन किया जाता है ताकि इमरजेंसी में तुरंत गाड़ी का हेड रेस्ट खोल कर उससे शीशे पर वार किया जा सके।