अब बीएचयू के छात्र स्मार्ट क्लासरूम में जल्द करेंगे पढ़ाई, 125 कक्षाएं हो रहीं हाईटेक

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. अब बीएचयू के छात्र जल्द ही स्मार्ट वर्चुअल क्लास में पढ़ाई करेंगे। इस क्लास के जरिए वह देश-दुनिया के विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे जुड़ेंगे और उनका लेक्चर सुनेंगे। ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से दूरदराज तक पहुंच बढ़ाने के लिए बीएचयू ने यह पहल की है। बनारस हिन्दू युनिवर्सिटी दुनिया का पहला केंद्रीय विश्वविद्यालय है जहां 125 हाईटेक स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा रहे हैं। जिसमें से कंप्यूटर सेंटर में एक स्मार्ट क्लासरूम तैयार भी हो गया है। मार्च के अंत तक 125 विभागों में इस हाइब्रिड कक्षा का शुभारंभ कर दिया जाएगा। इन कक्षाओं में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों कक्षाएं एक साथ गुणवत्ता के साथ चलाई जा सकेगी।

अगर इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो भी छात्र ईमेल पर दिए गए फोन नंबर पर कॉल कर इस स्मार्ट क्लास से जुड़ सकते हैं वह बिल्कुल स्पष्ट और उच्च क्षमता का ऑडियो लेक्चर सुन सकेंगे। स्मार्ट क्लास का बोर्ड 86 इंच का है जो सबसे बेहतर अल्ट्रा एचडी स्क्रीन का काम करेगा। इसे इंटरएक्टिव स्क्रीन पैनल विद व्हाइट बोर्ड कहा जाता है। यानी व्हाइट पर व्याख्यान के साथ वीडियो भी दिखाई जा सकते हैं। दक्षिण कोरिया से आए क्लास रूम के पोडियम से न केवल व्याख्यान दिया जाएगा। इसे पूरी क्लास को तकनीकी रूप से नियंत्रित भी किया जा सकेगा। कैमरा ऑडियो वीडियो इंटरनेट कॉलिंग मैसेज इत्यादि लेक्चर के दौरान ही संचालित होंगे।

शिक्षा क्षेत्र में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं। ऑनलाइन कक्षाओं की उपयोगिता भी बढ़ी है। बीएचयू अपने छात्र-छात्राओं को इसके अनुकूल तैयार करने और उन्हें विषय विशेषज्ञों से जोड़ने के लिए क्लास रूम को स्मार्ट बना रहा है। बीएचयू परिसर में संचालित विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंध, कला, अभियांत्रिकी सहित सभी संकायों में ऐसे स्मार्ट वर्चुअल क्लासरूम तैयार किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थी कक्षा में उपस्थित होकर ही अन्य कॉलेज या विवि के विषय विशेषज्ञ की कक्षाओं में शामिल हो सकें। वर्चुअल स्मार्ट क्लास रूम में प्रोजेक्टर, स्क्रीन, माइक, कैमरा, स्पीकर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

विद्यार्थियों को मिलेगा डिजिटल क्लास का लाभ

इस आधुनिक डिजिटल क्लास रूम का सीधा लाभ विद्यार्थियों को होगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के शिक्षा माध्यम को और सशक्त किया जा सकेगा। आने वाले समय में ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं तक इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअल क्लास रूम की सहायता से पाठ्यक्रमों की उपलब्धता आसानी से होगी।