बसंत पंचमी पर 153 साल बाद बन रहा पंच महायोग, शुभ कार्यों के साथ बढ़ेगी प्रतिष्ठा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ ( meerut news ) इस बार वसंत पंचमी ( Basant Panchami ) का पर्व कई मायनों में काफी शुभ मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों की माने तो इस बार वसंत पंचमी पर 153 साल बाद पंच महायोग बन रहा है। इस बार शुभ योग, रवि योग, कुमार योग, अमृत सिद्ध योग और सर्वाथ सिद्ध योग वसंत पंचमी पर बन रहे हैं।

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पंचमहायोग का ये संयोग करीब 153 वर्ष बाद पड़ रहा है। पंडित भारत भूषण के अनुसार इस तिथि विशेष पर गंगा स्नान-दान और विद्या की देवी मां सरस्वती के पूजन का विधान है। इस बार वसंत पंचमी का स्नान-व्रत पर्व 16 फरवरी को पड़ रहा है। पंचमी तिथि 15 फरवरी की देर रात 2.45 बजे लग रही है जो 17 की भोर 4.34 बजे तक रहेगी। इस बार विशेष यह कि पर्व विशेष पर 'शुभ' नामक दुर्लभ योग बन रहा है।

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ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल शास्त्री के अनुसार मंगलवार का दिन, रेवती नक्षत्र और मकर राशि में सूर्य व गुरु की मौजूदगी में इस बार वसंत पंचमी मनाई जाएगी। पंच योग रहने की वजह से इसके महत्व में और वृद्धि हो गई है। ज्योतिषाचार्य अनिल शास्त्री के अनुसार विष्कुंभादि 27 योगों में 'शुभ' योग पूरे दिन रहेगा। इस दौरान संपन्न किए जाने वाले कार्य लोक में प्रसिद्धि देते हैं। व्यक्ति के ग्लैमर को बनाने में यह योग अच्छा सहयोग प्रदान करता है।

जाने पूजन विधि

वसंत पंचमी के पूजन में माता सरस्वती को सफेद वस्त्र धारण कराकर स्थापित किया जाता है। सबसे पहले गणेश-पूजन कर माता सरस्वती का पंचोपचार विधि से अर्चन किया जाता है। माता को प्रसन्न करने के लिए सरस्वती- स्त्रोत, सिद्ध सरस्वती स्त्रोत, 'ऊं एं नम:' या 'ऊं एं सरस्त्वे नम:' मंत्र से माता का पूजन होता है।

कई संस्कारों के लिए है शुभ मुहूर्त ( basant panchmi special )

वसंत पंचमी ऐसी तिथि है जिस दिन विद्यारंभ संस्कार, अन्नप्राशन, मुंडन, जनेऊ, विवाह, गृहप्रवेश आदि सभी मंगल कार्य किए जा सकते हैं। वसंत पंचमी के दिन वैवाहिक मुहूर्त भी है।