यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021: एक साथ एक मतपेटी में डाले जाएंगे चार वोट,​ जनिए वजह

सुलतानपुर. यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 की तैयारियां यूपी सरकार तेजी से कर रही है। इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनता एक ही बार में चार चुनावी पर्चे पर मुहर लगाएगी यानी इस बार होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनता को एक ही बार में चार वोट डाल पाएगी। जनता को पोलिंग बूथ के अंदर दोबारा नहीं जाना पड़ेगा।

कोरोना टेस्ट में यूपी के देश में नम्बर वन होने पर सीएम योगी खुश

एक मतपेटी और चार वोट का सिद्धांत लागू :- इस बार होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में "एक मतपेटी और चार वोट" का सिद्धांत लागू हो रहा है। इस बार मतदाता एक बार में ही ग्राम प्रधान, सदस्य ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) के उम्मीदवारों को एक ही बार में और एक ही मतपेटी में वोट डाले जाएंगे। बताया जा रहा है कि इससे मतपेटियों की संख्या भी कम होगी और मतदाताओं को दोबारा वोट डालने के लिए लाइन नहीं लगाना पड़ेगा। जिससे मतदाताओं का समय बर्बाद नहीं होगा।

एक बार में ही डाल सकेंगे अपना वोट :- इसके पहले 2015 तक हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदाताओं को वोट देने के लिए दो बार लाइन लगानी पड़ती थी। जिसमें एक बार लाइन में लगने से ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य के लिए वोट डाले जाते थे और दोबारा लाइन लगाने से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) के लिए वोट डाले जाते थे लेकिन इस बार होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक ही बार मे मतदाता चार वोट डालेंगे।

हर बूथ पर दो मतपेटियां :- जिला पंचायतराज अधिकारी राधाकृष्ण भारती ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हर बूथ पर दो मतपेटियां रखी जाएंगी। यदि कहीं बहुत जरूरत पड़ी तो सेक्टर मजिस्ट्रेट एक मतपेटी और रखा सकता है। ऐसा चुनाव आयोग के निर्देश पर किया जा रहा है।

चुनाव चिन्ह याद रखना होगा :- डीपीआरओ राधा कृष्ण भारती ने कहाकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतपत्रों में प्रत्याशी का नाम ही नहीं छपा होता है, ऐसे में मतदाताओं को मनपसंद कैंडिडेट का चुनाव चिन्ह याद रखना होगा। चुनाव चिन्ह याद न रखने की दशा में मतदाता भ्रमित हो सकते हैं।

मतगणना में समय लगेगा अधिक:- चुनावी जानकर बताते हैं कि चूंकि इस बार हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक ही मतपेटी में चार पदों के लिए वोट पड़ने से मतपत्रों की छंटनी करने और उसे अलग-अलग कर बंडल बनाकर मतगणना करने में टाइम अधिक लगेगा।