पंन्द्रह केन्द्रों पर 2118 फ्रंटलाइन वर्करों को लगाई गई कोरोना की वैक्सीन

बाराबंकी. स्थानीय जनपद में कोरोना से बचाव के लिए शुक्रवार को कोरोना वारियर्स का टीकाकरण हुआ। टीकाकरण के लिए जिलेभर में 15 केंद्र बनाए गए है। इन अस्पतालों में 2656 लोगों को कोविड वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 2118 फ्रंट लाइन वर्करो को टीकाकरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान टीकाकरण के लिए लोग अब केन्द्रो पर पहुंचकर काफी उत्साहित रहे। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलाया गया।

80 प्रतिशत टीकाकरण

जिला प्रतिक्षण अधिकारी डा राजीव सिंह ने बताया कि जनपद में कोरोना टीकाकरण 80 प्रतिशत तक रहा। इसके तहत चिन्हित 15 अस्पतालों में 2118 लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई गई। इसमे जिला पुरूष अस्पताल 168, मेयो अस्पताल गदिया 58, पुलिस लाइन हॉस्पिटल 392, देवा 54, फतेहपुर 115, दरियाबाद 70, हैदरगढ़ 119 , पीएसी बटालियन 375, राम सनेही घाट 89, सतरिख 75, निन्दूरा कुर्सी 83, रामनगर 117, सिद्वौर 89, सिरौली 120, सूरतगंज 84 समेंत कुल 15 केन्द्रो पर कर्मियों पर टीकाकरण किया गया।

2656 को लगाया जाना था टीका

डीआईओ ने बताया कि जिले में कोरोना टीकाकरण के लिए शुक्रवार को 2656 लोगों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 2118 फ्रंट लाइन वर्करो को टीकाकरण किया गया। इसके लिए 120 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई । उनका कहना है कि कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है।

तैनात रहे 23 नोडल अधिकारी

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया गया कि जनपद में 2118 फ्रंट लाइन वर्करों को कोविड19 का टीकाकरण लगाया गया है। इसके सभी चरणों में कई स्थानों को मेरे द्वार निरीक्षण किया गया। इन सभी जगहों पर टीकाकरण का कार्य सुचारू होते पाया गया। कोरोना टीकाकरण को सफल बनाने के लिए सभी केन्द्र पर जिला स्तरीय 23 नोडल अधिकारियों को तैनात रहे। टीकाकरण पर पूरी नजर रखने के लिए एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ के साथ ही मुख्यालय पर तैनात वरिष्ठ चिकित्सकों को लगाया गया । उन्होंने बताया कि पहले चरण का दूसरा टीका 16 को जिन 295 लोगों को पहले चरण में टीके लगाए गए हैं। उन्हें दूसरा टीका 16 फरवरी को लगाया जाएगा।

टीका लगने के बाद आधे घंटे रुकना होगा

सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर टीकाकरण के लिए 6 कर्मियों की एक टीम बनाई गई है इस टीम में प्रशिक्षित कर्मियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा टीम के साथ चिकित्सकों की एक टीम को भी तैनात किया गया है। टीका लगने के बाद व्यक्ति को आधा घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन कक्ष में रखा जा रहा है। पूरे अभियान पर डीएम और एसपी की नजर रहेगी और वह इन केंद्रों का सीएमओ के साथ मौके पर पहुंच जायजा भी ले रहे हैं। वहीं जिन कर्मियों और चिकित्सकों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई है उन्हें पूरी तरह से सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टीका लगवाने से पहले दें पूरी जानकारी

टीका लगवाने से पूर्व यदि एलर्जी, बुखार, रक्त बहने या रक्त पतला करने की कोई दवा ले रहे हैं, या प्रतिरक्षा क्षमता कम है तो संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी को जानकारी दें। गर्भवती या स्तनपान करा रही महिलाओं को भी टीका लेने से पहले स्वास्थ्य अधिकारी पूरी जानकार देनी चाहिए। सीरम इंस्टीट्यूट की फैक्टशीट के अनुसार कोविशील्ड टीका 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है। यह टीका उन लोगों को नहीं लगना है जिन्हें पहली खुराक के बाद गंभीर रूप से एलर्जी हुई हो। इसके लिए चिकित्सक से परामर्श लें। कोविशील्ड से जुड़े प्रतिकूल प्रभाओं को लेकर सामान्य तौर पर तबीयत न लगना, थकान महसूस होना, कंपकंपी या बुखार सा महसूस होना, सिर दर्द, मतली, जोड़ो या मांसपेशियों में दर्द की शिकायत आम हो सकती है। वैक्सीन लगने के बाद कुछ घंटों में यदि कोई साइड इफेक्ट दिखता है तो इस बारे में वैक्सीन लगाने वाले को या टोल फ्री नंबर पर तत्काल जानकारी दें।