नाबालिग दिव्यांग लड़की से दुष्कर्म, कोर्ट ने सिर्फ 40 दिन में किया फैसला, आजीवन कारासास की सुनाई सजा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मिर्जापुर. नाबालिग दिव्यांग बच्ची से रेप के मामले में कोर्ट ने बेहद कम दिनों में, महज 40 दिन में ही केस की सुनवसाई पूरी करके फैसला सुना दिया। अभियुक्त पर आरोप साबित हुए और कोर्ट ने उसे रेप और पाॅक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

 

मड़िहान थाना क्षेत्र में बीती 7 जनवरी 2021 को छह वर्षीय नाबालिग दिव्यांग लड़की के साथ उसी गांव के निवासी राकेश यादव पुत्र संतू यादव द्वारा जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। इस मामले में मड़िहान थाने में बलात्कार, पाॅक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमाद दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

 

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तेजी से विवेचना करते हुए न्ययालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में तात्कालीन क्षेत्राधिकारी मड़िहान प्रभात राय द्वारा की गई विवेचना और शासकीय अधिवक्ता सुनीता गुप्ता द्वारा मजबूती से साक्ष्यो, गवाहों न्यायालय में समय में प्रस्तुत और जिरह व पैरवी के बाद सोमवार 15 फरवरी 2021 को विशेष न्यायधीश (पॉक्सो एक्ट) अपर सत्र न्यायाधीश मिर्ज़ापुर ने मुकदमें के अभियुक्त राकेश यादव को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अपराध के लिए दोषी पाया। कोर्ट ने उसे कठोर आजावीन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने अभियुक्त पर एक लाख रूपये का अर्थ दंड भी लगाया।

By Suresh Singh