भाजपा नेताओं की गांवों में नो एंट्री के सवाल पर भड़के केंद्रीय मंत्री ने दिया ये जवाब

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. तीन कृषि कानूनों के विरोध में जहां देश के हजारों किसान लगभग 3 महीने से दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे हुए हैं, मगर केंद्र सरकार किसानों की मांग मानने को तैयार नहीं है। मुजफ्फरनगर की बात करें तो कृषि कानूनों के विरोध में दर्जनों गांवों में भाजपा नेताओं की नो एंट्री को लेकर जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगाए गए। हालांकि पोस्टर-बैनर लगाए जाने के बाद आनन-फानन में हटा भी लिए गए, मगर यह बात सच है कि भाजपा नेताओं के खिलाफ किसानों में कहीं न कहीं रोष तो जरूर है।

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इस घटनाक्रम के बीच भाजपा नेता बजट की खूबियां गिनाने जनता के बीच जा रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर भाजपा जिला कार्यालय पर एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया को भी बुलाया गया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, महामंत्री और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा नेता जेपीएस राठौर ने कहा कि केंद्रीय बजट में किसानों और आम आदमी समेत सभी लोगों का ध्यान रखा गया है। इसमें राहुल, प्रियंका और दामाद जी के घोटालेबाजों के लिए कुछ नहीं है। किसान से जितनी सरकारी खरीद भाजपा सरकार ने की उतनी पहले कभी नहीं हुई।

प्रेसवार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने मुजफ्फरनगर के गांवों में भाजपा नेताओं की एंट्री बैन होने संबंधी सवाल पूछे तो मुजफ्फरनगर सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान भड़क गए और कहने लगे के चलो दिखाओ किस गांव में पोस्टर लगे हैं। उन्होंने कहा कि एक-दो व्यक्ति के विरोध करने से कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के पोस्टर लगाने से गांव में भाजपा का जनाधार खत्म नहीं हो जाता है। उन्होंने कहा कि चौधरी नरेश टिकैत उनकी बालियान खाप के चौधरी हैं और उनके साथ उनका रिश्ता बराबर रहेगा।

उन्होने पोस्टरों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि गांव में तमाम राजनीतिक दलों से जुड़े हुए लोग हैं। एक-दो लोगों के पोस्टर लगाकर भाग जाने से कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि वे निरंतर गांव में जा रहे हैं और लोगों के साथ संपर्क कर रहे हैं। जहां तक किसानों के मुद्दे की बात है तो उसको लेकर सरकार पूरी तरह सजग है और तमाम स्तर पर बातचीत की जा रही है। एमएसपी को वैधानिक दर्जा देने के साथ-साथ तमाम मुद्दों पर सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। हाल में मुजफ्फरनगर में हुई किसान पंचायत के नाम पर लोटा-नमक मामले की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उन्होंने चुनाव में हराया था, वही लोग यह काम कर रहे हैं।

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