भाजपा जिस महिला के खिलाफ लाई थी अविश्वास प्रस्ताव, पार्टी में शामिल होते ही फिर से बनी 'उपाध्यक्ष'

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। मेरठ कैंट बोर्ड की राजनीति में जबरदस्त उठापटक हुई। इस उठापटक में जहां एक ओर भाजपा हारी तो वहीं दूसरी ओर पार्टी हारकर भी जीत गई। कारण, कैंट बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर भाजपा के विपिन सोढी को सदस्यों ने एक भी मत नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर हाल में ही भाजपा में आई बीना वाधवा को सदस्यों ने फिर से उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी कर दी। बता दें कि बीना वाधवा पहले भी कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष बनीं हुई थी। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर ही उन्हें इस पद से हटाया गया था और विपिन सोढी केा कैंट बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन जब बीना ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की उसके बाद से यह कयास लगाए जाने लगे थे कि बीना ही फिर से उपाध्यक्ष बनेगी।

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बीना वाधवा फिर बनी कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बनी तो उन्होंने वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस चुनाव में भाजपा की गुटबाजी खुलकर सबके सामने आ गई। जिले में कैंट बोर्ड की राजनीति में जबरदस्त उलटफेर हुआ। भाजपा के विहिप जारी करने के बावजूद बीना वाधवा दूसरी बार उपाध्यक्ष बनने में सफल रहीं। सदस्य द्वारा बीना वाधवा का नाम प्रस्तावित किए जाने के बाद आठ में से पांच सदस्यों ने उनके नाम का समर्थन किया। जिसके बाद बोर्ड अध्यक्ष ने उनको उपाध्यक्ष घोषित कर दिया।

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पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी का कहना है कि चारों सदस्यों ने पार्टी के आदेशों का उल्लंघन किया है। ऐसे में पार्टी उनके खिलाफ निर्णय लेगी। अपनी जीत से उत्साहित बीना वाधवा ने कहा की ये बीजेपी की और कैंट बोर्ड की जनता की जीत है। कैंट बोर्ड वार्ड नंबर 3 से सभासद हैं। शुक्रवार को हुए चुनाव में 4 पार्षदों ने बीना वाधवा को अपना समर्थन दिया था। वार्ड चार के सभासद नीरज राठौड़ ने सबसे पहले बीना को अपना समर्थन दिया। बोर्ड बैठक में वार्ड 6 की सभासद मंजु गोयल मौजूद नही थी।