गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों के विरोध में उतरे स्थानीय लोगों ने भी शुरू किया धरना

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में गाजीपुर बॉर्डर पर ढाई महीने से भी ज्यादा समय से बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे हुए हैं। इस कारण यूपी गेट पूरी तरह से बंद है। इस रास्ते से दिल्ली जाने वाले और दिल्ली से आने वाले लोगों के लिए बड़ी परेशानी हो रही है। लोगों को करीब 10 से 15 किलोमीटर की ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है, लेकिन अब लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है। अब इन लोगों ने भी किसानों के धरने के विरोध में बॉर्डर से कुछ दूरी पर धरना शुरू कर दिया है।

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गाजीपुर बॉर्डर से कुछ दूरी पर स्थानीय लोगों ने किसानों के आंदोलन के विरोध में धरना शुरू किया है। यह धरना गाजियाबाद उत्थान समिति की अगुवाई में डॉ. अशुतोष सिंह ने शुरू किया है, जो कि दिल्ली विश्वविद्यायल में प्रोफेसर हैं। आशुतोष सिंह का कहना है कि आंदोलन के नाम पर स्थानीय लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। रास्ते लंबे समय से बंद है।

उन्होंने कहा कि एनएच-9 के आसपास के लोगों को कई किलोमीटर लंबा रास्ता और जाम झेलकर दिल्ली आना-जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ तथाकथित लोगों ने आंदोलन के नाम पर परेशान कर रखा है। इनकी मांग है कि किसी समस्या के समाधान के लिए दूसरे लोगों को परेशानी में डालना ठीक नहीं है। इसलिए गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने को खत्म कराया जाए। हालांकि इन लोगों की संख्या भी अधिक नही है, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर एहतियातन गाज़ीपुर बॉर्डर की तरफ जाने वाली रोड पर बैरिकेड लगा दी है।

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