अमेठी को अपना अभेद्य किला बनाने की तैयारी में स्मृति ईरानी, घर बनाने के खरीदी जमीन तो कांग्रेस को लग गई मिर्ची

राहुल गाँधी को हरा कर गाँधी परिवार से उनका गढ़ छिनने के बाद स्मृति ईरानी अमेठी को अपना अभेद्य किला बनाने की तैयारी कर रहीं हैं. इसलिए उन्होंने अमेठी में अपने लिए एक घर बनाने के लिए जमीन खरीदी है. लेकिन कांग्रेस को इस बात से मिर्ची लग गई. दरअसल जब तक राहुल गाँधी यहाँ से सांसद थे तब तक वो बस टूरिस्ट की तरह आया करते थे. अमेठी के लोगों को शिकायत रहती थी कि उनका वीआईपी सांसद उन्हें दिखाई ही नहीं देता. स्मृति ईरानी 2014 का चुनाव हारने के बाद भी अमेठी से जुड़ी रहीं और बार बार अमेठी आती रहीं. इसका फल उन्हें 2019 में मिला जब अमेठी के लोगों ने राहुल गाँधी को नकार कर स्मृति इरानी को अपना सांसद चुन लिया.

चुनावों के दौरान स्मृति ईरानी ने अमेठी के लोगों से वादा किया था कि उन्हें अपने जनप्रतिनिधियों के लिए राष्ट्रीय राजधानी का दौरा नहीं करना पड़ेगा और अगर अमेठी के लोगों ने उन्हें अपना सांसद चुना, तो वह अमेठी में ही घर बनाएंगी. अब उन्होंने अपने उस वादे को निभाया और अमेठी के गौरीगंज में घर बनाने के लिए उन्होंने जमीन खरीदी. लेकिन कांग्रेस को मिर्ची लग गई. कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने ये कहते हुए स्मृति पर तंज कसा कि कांग्रेस का घर तो पहले से ही अमेठी में हैं. दीपक सिंह ने कांग्रेस हाउस की तस्वीरें ट्वीट कीं और कहा कि स्मृति ईरानी सुबह आती हैं और शाम को वापस चली जाती हैं, जबकि राहुल गांधी अमेठी से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं. उन्होंने ये भी दावा किया कि स्मृति 2024 में अपना घर बेंच देंगी.

2019 के आम चुनाव से पहले, ईरानी ने एक घर किराए पर लिया था जो उनके कैंप कार्यालय के रूप में कार्य करता था. अब स्मृति ईरानी ने घर बनाने के लिए जो जमीन खरीदी है वो गौरीगंज जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है. जमीन की मालिक रहीं फूलमती के बेटे गया प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि, ‘हमारा विकास, हमारे गांव का विकास, हमारे क्षेत्र का विकास हो इसके लिए हम स्मृति ईरानी को जमीन दे रहे हैं. आगे सब उनपर निर्भर है. गया प्रसाद ने कहा कि वो जितना हमारे क्षेत्र का विकास करती हुई आ रही हैं उतना अभी तक किसी ने नहीं किया.’