एक वीडियो के चलते Sundar Pichai समेत 18 के खिलाफ वाराणसी FIR, बाद में Google CEO का नाम हटाया गया

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

वाराणसी. यू ट्यूब पर एक वीडियो अपलोड कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र का अपमान करने के मामले में वाराणसी के भेलूपुर थाने में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई व दो अन्य अधिकारियों समेत 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन सबपर पीएम को कथित तौर पर बदनाम करने का आरोप है। उनपर आईटी एक्ट और साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है। हालांकि बाद में सबूत न मिलने पर सुंदर पिचाई का नाम एफआईआर से हटा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वह मामले में जांच कर रही है।


वारााणसी के गौरीगंज इलाके के रहने वाले गिरिजा शंकर का आरोप है कि उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रूप पर पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी वाला वीडियो मिला। इसमें विशाल गाजीपुरी उर्फ बादल और उनकी पत्नी सपना बौद्घ ने गीत गाया है। इसे लेकर गिरिजा शंकर ने विशाल को फोन किया, जिसके बाद उसने गाजीपुर के नोनहरा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।


इसके अलावा आरोप है कि उनका नाम भी वीडियो में जोड़कर उसे यू ट्यूब पर डाल दिया, जिसके बाद उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे। गिरिजा शंकर की मानें तो उन्हें अब तक 8500 धमकी भरे फोन आ चुके हैं।


इसके बाद गिरिजी शंकर की तहरीर और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर गाजीपुर के विशुनपुरा निवासी विशाल, सपना, चंदन, सीएस बादल, सुजीत गौतम, हृदयराज कपूर, संजीव कुमार बौद्ध, सूरज कृष्णा, आशीष नायक, वीके सिंह, पंकज, एसएन बौद्ध, वीजी म्यूजिक कंपनी, जयभीम रिकॉर्डिंग स्टूडियो के साथ ही गूगल इंडिया उसके सीईओ सुंदर पिचाई समेत दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।


हालांकि बाद में एफआईआर से सुंदर पिचाई समेत कुछ नाम वापस किये गए। एसएसपी अमित पाठक ने मीडिया से बताया कि विवेचना में गूगल इंडिया व अन्य तीन लोगों के खिलाफ साक्ष्य की पुष्टि नहीं हुई। इसलिये गूगल इंडिया प्रा. लि., सीईओ सुंदर पिचाई, प्रबंधक संजय कुमार गुप्ता, डायरेक्टर केनेथ होईवाई के नाम वापस लिये जाएंगे।