यूपी के मुरादाबाद में देश का जयचंद : रिश्वत ले कर 16 रोहिंग्याओं के फर्जी तरीके से बनवा दिए वोटर कार्ड, राज खुलने होने पर हुई कारवाई

देश में अक्सर रोहिंग्या घुसपैठियों और बांग्लादेशियों घुसपैठियों का मुद्दा उठता रहा है. कई बार ये आरोप भी लगाये जाते रहे हैं कि कुछ राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए खुलेआम इन घुसपैठियों का समर्थन करते हैं और इनके जाली दस्तावेज तैयार करवा देते हैं ताकि चुनावों में मदद मिल रहे. रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिये देश की एकता और अखंडता के लिए कितना बड़ा खतरा हैं ये किसी से छुपा नहीं है. अक्सर गैरकानूनी कामों में इनकी संलिप्तता पायी गई है. अब उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रोहिंग्याओ का फर्जी तरीके से दस्तावेज बना कर देश का नागरिक बनाने की साजिश का खुलासा हुआ है. इस साजिश में एक ब्लॉक लेवल अफसर की संलिप्ता पाई गई है.

यह मामला मुरादाबाद जिले के भगतपुर टांडा के रुस्तमपुर तिगरी ग्राम पंचायत से जुड़ा हैं. म्यांमार से अवैध रूप से अपने देश में घुस आये रोहिंग्या घुसपैठियों के फर्जी वोटर आईडी बनाये गए. मामला तब प्रकाश में आया जब गाँव के ही दो शख्स नाजिर और पीरबख्श ने इसकी शिकायत की. इन दोनों ने आरोप लगाये कि पूर्व प्रधान शकील अहमद ने फर्जी कागज लगाकर बीएलओ प्रशांत कुमार से मिलीभगत कर रोहिंग्याओं को वोटर बनवा दिया.

बीएलओ प्रशांत कुमार भगतपुर टांडा के रुस्तम तिगरी ग्राम पंचायत में तैनात हैं. उन्होंने 16 रोहिंग्याओं के वोटर आईडी बनाने का ऑनलाइन आवेदन दिया. उन्होंने इन 16 रोहिंग्याओं को इसी गाँव का निवासी बताया और रुस्तमपुर तिगरी प्राइमरी स्कूल की लिस्ट में क्रम संख्या 794 से 809 तक इन 16 लोगों का नाम दर्ज कर दिया गया. शिकायत के बाद एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह ने जांच करवाई तो रोहिंग्याओं को वोटर बनाए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद बिएलओ प्रशांत कुमार के खिलाफ एक्शन हुआ और उन्हें निलंबित कर दिया गया. अब उनपर पुलिस कारवाई भी की जायेगी.