कानपुर और उन्नाव के 32 गांवों की जमीन पर मॉडर्न सिटी बनाने की तैयारी में योगी सरकार

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गंगा किनारे कानपुर और उन्नाव जिले के 32 गांव की जमीनों पर मॉडर्न सिटी बनाने की तैयारी में हैं। नीदरलैंड की तर्ज पर इस योजना को विकसित करने के लिए केडीए बोर्ड की 26 मार्च को होने वाली बैठक में प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी है। बैठक में अयोध्या डेवलपमेंट प्लान की तर्ज पर सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाने, किराए पर उठी कालोनियों का किराया बढ़ाने, आगामी वित्तीय वर्ष के बजट सहित 18 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। कमिश्नर के निर्देश पर बुधवार को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन तैयार किया गया। पांच साल बाद फाइलों से निकली माडर्न सिटी योजना में नगर के तीन गांव (कटरी शंकरपुर सरांय, लुधवाखेड़ा, लक्ष्मीखेड़ा) और उन्नाव जिले के 29 गांव की जमीनें शामिल हैं।

शहर के सरसैया घाट से गंगा पर छह लेन के प्रस्तावित पुल से योजना को जोड़ने की तैयारी चल रही है, जिससे योजना स्थल से पुल पार करते हुए करीब ढाई किलोमीटर की दूरी तय कर बड़ा चौराहा आ सकेंगे। विकास प्राधिकरण जोन-1 के अधिशासी अभियंता मुकेश अग्रवाल की तरफ से प्रस्ताव शामिल कराया गया है, जो केडीए की तरफ से गंगा के बाएं बंधे पर प्रस्तावित गंगोत्री (न्यू माडर्न सिटी) योजना विकसित करने के संबंध में है।

लोगों को कम से कम कीमत पर मिलेंगे फ्लैट

कमिश्नर डॉ. राजशेखर की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक के एजेंडे में इस आवासीय योजना को पुनर्जीवित करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। एक अधिकारी ने बताया कि यदि प्रस्ताव स्वीकृत हो गया तो योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। इसके साथ ही यह भी कोशिश की जाएगी कि कम से कम जमीन अधिग्रहीत करनी पड़े ताकि इसे विकसित करने का खर्च घटे और लोगों को कम से कम कीमत पर फ्लैट उपलब्ध कराए जा सकें। इसके साथ ही कुछ प्लाट भी विकसित किए जाएंगे। मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, कॉलेज, नर्सिंगहोम, पार्क, स्वीमिंग पूल, गंदे पानी को शोधित करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि बनाए जाएंगे।