मानदेय पाने वाले ये छह कर्मचारी नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथि का एलान हो चुका है। चुनाव चार चरण में संपन्न होगा लेकिन इस बीच एक और बड़ा फैसला सामने आया है। मानदेय पाने वाले कर्मचारी यह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। होमगार्ड को इससे अलग रखते हुए उन्हें चुनाव लड़ने की छूट दी गयी है। वहीं दूसरी तरफ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जिले में 28000 कर्मचारी पंचायत चुनाव संपन्न कराएंगे। इन कर्मचारियों को 75 मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग दे रहे है। वहीं निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 278 सेक्टर व 44 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किये गए है।

सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव प्रशासन की प्राथमिकता है। चुनाव संबंधी तैयारियां लगातार चल रही हैं। मानदेय प्राप्त करने वाले कर्मचारी जैसे आंगनबाड़ी कार्यकता, सहायिका, आशा बहू, किसान मित्र, शिक्षा मित्र और ग्राम रोजगार सेवक आदि पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। होमगाड्र्स के निर्वाचन लडने पर कोई रोक नहीं है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए हर न्याय पंचायतों में एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पूरे जिले में कुल 278 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 44 जोनल मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं, जो पूरे चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाएंगे। पंचायत चुनाव के दौरान कोविड-19 के गाइडलाइन का अनुपालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि एक मतदान टीम में पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी प्रथम, मतदान अधिकारी द्वितीय व मतदान अधिकारी तृतीय होंगे। पीठासीन अधिकारी का प्रथम कर्तव्य यह है कि वह अपने मतदेय स्थल पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करें। मतपत्र जारी करने से पहले प्रत्येक मतपत्र के पीछे सुभेदक चिह्न वाली मोहर लगाई जाएगी। पीठासीन अधिकारी नाम सहित अपने पूर्ण हस्ताक्षर बनाएंगें। हस्ताक्षर केवल मतपत्र के पीछे करने हैं।मतदान संबंधित समस्त सूचनाएं निर्धारित समय पर अवश्य सुनिश्चित करें। कोई भी प्रत्याशी लिखित नोटिस द्वारा अपना नाम वापस ले सकता है, जिसमें उसके हस्ताक्षर होंगे और ऐसी लिखित नोटिस निर्वाचन अधिकारी को संबंधित उम्मीदवार स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा नाम वापसी के लिए नियत दिनांक व समय के बीच में दी जाएगी। चुनाव में किसी तरह की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी।

BY Ran vijay singh