सनसनी - बिकरू घटना में प्रथम विश्वयुद्ध के इस अमेरिकी हथियार का किया गया इस्तेमाल

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

कानपुर. अमेरिकी सेना जिस हथियार का इस्तेमाल प्रथम विश्व युद्ध के दौरान किया था उसका इस्तेमाल विकास दुबे का गैंग करता था। यह खुलासा उस समय हुआ जब विकास दुबे का भांजा शिव तिवारी के पास से ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड राइफल बरामद किया। इस राइफल की खासियत है कि एक साथ 10 गोलियां लोड कर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह राइफल भारत में ऑटोमेटिक सिस्टम के साथ प्रतिबंधित है। नियमानुसार ऑटोमेटिक स्प्रिंग फील्ड राइफल का ऑटोमेटिक सिस्टम हटाने के बाद इसे बेचा जा सकता था।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का भांजा शिव तिवारी गन हाउस से ऑटोमेटिक राइफल खरीदी थी। बिकरू कांड में जांच कर रही एसटीएफ अब गन हाउस संचालक से पूछताछ करने जा रही है कि उसने प्रतिबंधित राइफल को कैसे बेचा। उल्लेखनीय है 2-3 जुलाई की रात बिकरू गांव में दबिश देने गई सीओ और पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने फायरिंग करके 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। जिसमें मेड इन अमेरिका ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड राइफल का इस्तेमाल किया गया था।एसटीएफ ने इसे बरामद कर लिया है। जांच के दौरान पता चला कि राइफल का ऑटोमेटिक सिस्टम काम कर रहा है। यह जांच का विषय है की गन हाउस संचालक ने इसे ऑटोमेटिक सिस्टटम के सात बेचा है या फिर बाद में इसेेे सक्रिय किया गया