बंगाल : मालदा में पहली रैली से ही योगी आदित्यनाथ ने सेट कर दिया हिंदुत्व का एजेंडा, राम मंदिर से लेकर लव जिहाद तक का किया जिक्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बंगाल के रण में उतरे और मालदा में अपनी पहली रैली भाजपा के मिशन बंगाल में जुट गए. बंगाल के सियासी पिच पर उतरते ही योगी आदित्यनाथ ने जय श्री राम का उद्घोष किया और अपने तेवर जाहिर कर दिए कि वो क्या करने बंगाल आये हैं. ये वही नारा है जिसे सुनकर ममता ने अपनी गाडी से उतर कर लोगों को खदेड़ दिया था. ये वही नारा है जिसे सुनकर ममता मंच पर भाषण देने से इनकार कर देती हैं. अपने पहले ही भाषण में योगी ने जय श्री राम का उद्घोष कर ममता के लिए एक लक्ष्मण रेखा खिंच दी.

अपने भाषण में राम मंदिर, लव जिहाद, गौ ह’त्या का जिक्र कर योगी ने बंगाल में बीजेपी का हिंदुत्व का एजेंडा सेट कर दिया और इसके लिए जगह चुनी गई वो मालदा जहाँ 2016 के विधानसभा चुनाव में TMC को करारी हार मिली थी. 2016 में मालदा के 12 विधानसभा सीटों में से सभी पर TMC का सूपड़ा साफ़ हो गया था. ज्यादातर सीटें कांग्रेस ने जीती थी और भाजपा को भी यहाँ दो सीटें मिली थी. भाजपा के लिए मालदा की अहमियत समझिये कि 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 3 सीटें जीती थी और उनमे से 2 सीटें मालदा से ही आई थी. इसलिए जब योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के लिए बंगाल पहुंचे तो उनकी पहली रैली के लिए मालदा को चुना गया.

लव जिहाद का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि यहां छल और धोखे से लव जिहाद की घटनाओं को भी अंजाम दिया जा रहा है. तुष्टिकरण के चलते यहां की सरकार न तो गोतस्करी को रोक पा रही है और न ही लव जिहाद पर रोक लगा पा रही है. लव जिहाद को अगर नहीं रोका गया तो आने वाले समय में खतरनाक होगा. ऐसे में जो सरकार आपको सुरक्षा नहीं दे सकती, उस सरकार को हटाना ही जनता के हित में होगा. योगी के भाषण में राम मंदिर का जिक्र भी आया. राम मंदिर का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ कोठारी बंधू का जिक्र करना नहीं भूले जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अपनी जान गंवाई थी. योगी ने कहा कि आज उनका सपना साकार हो गया.

अभी तो योगी ने अपने मिशन का आगाज़ किया है और अपनी पहली ही रैली से उन्होंने बीजेपी का एजेंडा सेट कर दिया. अब ये तय हो गया है कि ममता के तुष्टिकरण की राजनीति की काट योगी का हिन्दुत्ववादी एजेंडा करेगा. लेकिन बीजेपी को इसका कितना फायदा मिलेगा ये तो 2 मई को ही पता चलेगा.