सुबह जिसे चोरी के आरोप में पकड़ा शाम होते-होते उसके पास से पुलिस ने स्मैक भी कर ली बरामद, वायरल वीडियो ने खोला राज

बाराबंकी. जनपद बाराबंकी में पुलिस से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें एक ही शख्स को पुलिस दो जगह से पकड़ने का दावा करती नजर आ रही है। पुलिस की इस थ्योरी का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि एक वायरल वीडियो ने किया है। जिसमें वही शख्स नजर आ रहा है जिसे पुलिस एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। लेकिन उसी शख्स को सुबह लोगों ने चोरी के आरोप में पकड़ा था और खंभे से बांधकर उसकी जमकर पिटाई भी की थी। इस दौरान लोगों ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से केवल आधार कार्ड ही मिला। वहीं पिटाई के दौरान वहां मौजूद लोगों ने उस शख्स का वीडियो भी बनाया था और बाद में उसे पुलिस अपने साथ लेकर चली आई थी। लेकिन शाम होते-होते जब पुलिस ने उसी शख्स की गिरफ्तारी एनडीपीएस एक्ट में दिखाकर वाहवाही लूटने की कोशिश की, तो वायरल वीडियो ने पुलिस की कहानी से पर्दा उठा दिया। वहीं जब पुलिस से इस मामले की हकीकत जानने की कोशिश की गई तो अब वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं दिखी।

एक ही शख्स की दो जगह से गिरफ्तारी कैसे?

घटना बाराबंकी जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले से जुड़ी है। जहां लोगों ने 28 फरवरी की सुबह एक शख्स को चोरी के आरोप में दबोचा और उसे खंभे से बांधकर उसकी जमकर पिटाई की। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसका वीडियो भी बनाया। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चोरी के आरोपी को पकड़कर अपने साथ लेकर चली गई। मामला खत्म हो चुका था लेकिन तभी पुलिस की एक फर्जी कहानी ने जिले में हड़कंप मचा दिया। दरअसल जिस शख्स को सुबह पुलिस ने चोरी के आरोप में पकड़ा था उसी की शाम को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तारी दिखा दी। लेकिन पुलिस के इस मामले से उस वायरल वीडियो ने पर्दा उठा दिया जिसे सुबह भीड़ ने बनाया था। क्योंकि उस वीडियो में वही शख्स नजर आ रहा था जिसे शाम को दूसरी जगह से गिरफ्तारी दिखा रही थी।

शख्स के पास था केवल आधार कार्ड

पुलिस की कार्रवाई की तस्दीक लोगों के उस बयान से भी हो रही है, जिसमें लोग उस शख्स को सुबह पकड़ने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने उसे चोरी के आरोप में पकड़ा था और खंभे में बांधकर मारा-पिटा था। स्थानीय निवासियों के मुताबिक पकड़े गए शख्स की जब तलाशी ली गई तो उसके पास से केवल आधार कार्ड ही मिला था। बाकी कोई भी चीज उसके पास नहीं थी। बाद में उसे हम लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया था। लेकिन शाम को जब पुलिस ने उसी शख्स की गिरफ्तारी का स्थान और वारदात दूसरी बताई तो पुलिस अपनी ही कहानी में फंस गई। हालांकि जब पुलिस से इस मामले की हकीकत जानने की कोशिश की गई तो वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं दिखी और पूरे मामले की लीपापोती में जुटी रही।