यूपी में कोतवाली में खड़ी एसओजी की गाड़ी उठा ले गए चोर, गाड़ी में सोए दरोगा भी नहीं समझे

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

देवरिया. उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर कहर बनकर टूट रही है। पर अपराधी भी पुलिस को चैलेंज देने में पीछे नहीं। दुस्साहस की बानगी देखिये कि यूपी में चोरों ने कोतवाली में खड़ी एसओजी टीम की चार पहिया गाड़ी ही पार कर दी। कोतवाली परिसर से इस तरह पुलिस की गाड़ी के चोरी हो जाने से हर कोई अचंभित है। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक गाड़ी का कुछ पता नहीं चल सका है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। वहीं पुलिस अधीक्षक श्रीपति मिश्र ने कहा है कि इस मामले में लापरवाही की जांच होगी।


मामला रविवार की रात का है। एसओजी टीम कोतवाली पहुंची और गाड़ी को कार्यालय के बाहर खड़ा कर अपने-अपने आवास पर चले गए। एसओजी का कार्यालय कोतवाली के अंदर है और गाड़ी आॅफिस के सामने ही खड़ी की जाती है। कुशीनगर से ट्रांसफर होकर आए एक सब इंस्पेक्टर गाड़ी में ही सो रहे थे। पुलिस के मुताबिक रविवार की रात गाड़ी में सो रहे एसआई के पास कुछ लोग पहुंचे और उन्हें जगाकर किसी धनंजय के बारे में पूछा। इसके बाद उन लोगों ने एसआई को गाड़ी से उतरकर दूसरी जगह सोने जाने के लिये कहा। एसआई की मानें तो उन्होंने उन लोगों को एसओजी का सदस्य समझा और सोने के लिये दूसरी जगह तलाश करने चले गए। उनका कहना है कि जिले में नया होने के चलते वह किसी को पहचान नहीं सके। अभी अपनी आमद भी वह नहीं करा पाए थे।


इधर एसआई सोने की जगह तलाश करने गए उधर लिफ्टरों ने एसओजी की गाड़ी पार कर दी। सोमवार की सुब गाड़ी जगह पर न पाकर टीम के लोग इधर-उधर तलाश करने लगे। पहले लगा कि टीम का कोई सदस्य गाड़ी ले गया होगा। इलाके के वाहन लिफ्टरों से लेकर हर जगह पता करने के बाद भी गाड़ी का पता नहीं चला। होली के दिन तक तो इस बात को दबाए रखा गया और अधिकारियों तक को इसकी भनक नहीं लगी। पर जब मंगलवार तक गाड़ी का पता नहीं चल सका तो मजबूरन एसआई घनश्याम सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गाड़ी चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया।


पुलिस के लिये सबसे बड़ा झटका ये रहा कि जिस एसओजी पर अधिकारियों को नाज रहता है, उसी की गाड़ी उसकी नाक के नीचे से उठा ली गई और अब तक पुलिस उसे ढूंढ तक नहीं पाई। उधर गाड़ी की तलाश में एसओजी और पुलिस लगातार छापेमारी और तलाश कर रही है। कुछ जगहों पर छापेमारी भी की गई। पड़ोसी बिहार और गोरखपुर व आसपास के वाहन लिफ्टरों को भी खंगाला गया, पर पता नहीं चला। एक टीम बिहार भी रवाना हुए। पर अब तक कुछ पता नहीं चला है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले में लापरवाही की जांच की जाएगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर वाहन की तलाश की जा रही है।