ताजनगरी में सुरक्षित नहीं है खाकी, दरोगा की हत्या के बाद आरोपी अभी भी फरार

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आगरा। कानपुर के बिकरू कांड की घटना को अभी लोग भुला भी नहीं पाए थे कि अब आगरा में दो भाइयों के बीच हुए विवाद ने एक और ऐसी घटना को नया मोड़ दे दिया। आलू खेती के विवाद में पहुंचे दरोगा की आरोपी ने गोली मारकर हत्या कर दी। ऐसा लग रहा है कि ताजनगरी में पुलिस भी अब सुरक्षित नहीं रह गई है।

खंदौली क्षेत्र का है मामला
आगरा के थाना खंदौली के नोहर्रा गांव में दो भाइयों की आलू खेती का विवाद सुलझाने गए दरोगा को आरोपी ने तमंचे से गोली मार दी। खंदौली थाना की टोलप्लाज़ा चौकी पर तैनात एसआई प्रशांत नोहर्रा गांव में दो भाइयों द्वारा खेती के बाद आलू निकलने को विवाद हुआ था।सुलह के दौरान आरोपी विश्वनाथ द्वारा दरोगा से अभद्रता की गई और जैसे ही दरोगा ने उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया। उसने तमंचे से उनपर गोली दाग दी थी। गले में गोली लगते ही दरोगा की अस्पताल जाते समय मौत हो गयी। आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी के बाद आगरा जोन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।

मुख्यमंत्री ने की घोषणा
इस मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सांत्वना जताते हुए 50 लाख की सहायता के साथ परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी का ऐलान किया है। एसएसपी बबलू कुमार ने सांत्वना जताने के साथ आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के प्रयास की बात कही है। शहीद हुए सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार यादव बुलंदशहर के कस्बा छतारी के रहने वाले थे। प्रशांत यादव 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2015 में प्रशांत कुमार यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा के पद पर प्रोन्नत हो गए थे। वह परिवार में इकलौते बेटे थे। इनके पिता
रमेश चंद की वर्ष 2008 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।