भारत को घरने की कोशिश कर रहे चीन-पाकिस्तान से मुकाबले के लिए नौसेना को आज मिल जाएगा बड़ा हथियार….

प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार मजबूत होता जा रहा है.भारतीय नौसेना की ताकत पहले से और बढ़ने जा रही है. स्कॉर्पिन पनडुब्डी आईएनएस करंज 10 मार्च को यानि आज मुंबई में नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा. इस पनडुब्बी को निर्माण मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में किया गया है. भारत सरकार के साथ हुए समझौते के तहत इस शिपयार्ड पर छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जाना है.इससे पहले भारतीय नौसेना ने INS कलवरी और INS खांदेरी नामक वर्ग की दो पनडुब्बियों को शामिल कर लिया है.

पनडुब्बियों की कमी से जूझ रही भारतीय नौसेना के लिए करंज के जंगी बेड़े में शामिल होने से समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है. आईएनएस करंज ऐसे समय में भारतीय नौसेना को मिलने जा रही है, जब हिंद महासागर में चीनी नौसेना और उसका जंगी बेड़ा भारतीय सेना को एक बड़ी चुनौती दे रहा है. साथ ही पाकिस्तानी नौसेना के लिए भी चीन पनडुब्बियां का एक बेड़ा तैयार कर रहा है.

INS करंज के आने से भारतीय नौसेना में परंपरागत डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन की तादाद 15 हो जाएगी. इनके अलावा भारतीय बेड़े में रूस से लीज पर ली गई न्यूक्लियर सबमरीन INS चक्र और स्वदेशी न्यूक्लियर सबमरीन INS अरिहंत, INS अरिघात भी शामिल हैं. ये सब पनडुब्बियां 67 मीटर लंबी हैं और 37 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 12000 किमी की दूरी तक जा सकती हैं. इनमें 18 तारपीडो या 30 समुद्री सुरंगें लगाई जा सकती हैं. ये बेहद खामोशी से समुद्र में चलती हैं. इन सबमरीन में समुद्र के अंदर देखने के लिए सबसे अच्छे सोनार सिस्टम लगाए गए हैं. इसमें 8 अफसर और 35 नौसैनिक रह सकते हैं.