कोरिया के रक्षामंत्री ने अयोध्या आकर किया बड़ा ऐलान, रानी की याद में बनाएंगे एक और 'ताजमहल'

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

अयोध्या. दक्षिण कोरिया गणराज्य के रक्षामंत्री सु वोक अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे और सरयू तट पर निर्माणाधीन महारानी हौ के स्मारक का निरीक्षण किया और पार्क पर जाकर विकास कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि महारानी हो की याद में निर्माणाधीन स्मारक भविष्य में प्यार के नाम पर आगरा के ताजमहल की तरह ही विश्व प्रसिद्व होगा। यह स्मारक भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्ते को और गहराई देगा। आपको बता दें कि सरयू तट पर कोरियाई पार्क का निर्माण 24 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, इसी साल इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इस दौरान शुह वुक करीब एक घंटे तक अयोध्या में रहे और भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों को भी याद किया।

 

स्मारक का भव्य निर्माण

साउथ कोरिया के रक्षा मंत्री शुह वुक का अयोध्या हवाई पट्टी पर भाजपा सांसद लल्लू सिंह, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान दक्षिण कोरिया की यात्रा कर चुके अयोध्या के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र भी मौजूद थे। हवाई पट्टी से रक्षा मंत्री शुह वुक सीधे सरयू किनारे बने महारानी हो के स्मारक पर पहुंचे और उनको श्रद्धांजलि दी। रानी हो के स्मारक पर खड़े होकर उन्होंने उनको याद किया और दक्षिण कोरिया की राष्ट्रधुन भी गुनगुनाई। हर वर्ष कोरिया का दल अयोध्या आकर रानी हो को श्रद्घांजलि अर्पित करता है। अब सरयू तट पर 24 करोड़ से कोरिया के स्मारक का भव्य निर्माण कराया जा रहा है। यह स्मारक भारत-कोरिया के प्राचीन संबंधों का गवाह बनेगा साथ ही आस्था के साथ पयर्टन का भी केंद्र बनेगा। स्मारक में दोनों देशों के संस्कृति की झलक दिखेगी।

 

हजारों साल पुराना इतिहास

दरअसल दक्षिण कोरिया और भारत के संबंधों का इतिहास दो हजार साल पुराना है। रानी हो अयोध्या से ही धर्म प्रचार के लिए कोरिया गई थीं, लेकिन उस समय उनका नाम सुवर्ण रत्ना था। गिमहे प्रांत में उनका जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वहां के राजकुमार सुरों ने सुवर्ण रत्ना को बचाया और उनसे शादी कर ली। आज दक्षिण कोरिया की लगभग आधी आबादी राजकुमारी की वंशज है। इससे पता चलता है कि दक्षिण कोरिया के लिए अयोध्या और महारानी हो का क्या महत्व है। अयोध्या में दीपोत्सव के मौके पर भी सुवर्ण रत्ना यानी महारानी हो के नाम का दीपक जलाया गया था।

 

रानी हो रिश्तों की सेतु

अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज झा के मुताबिक रक्षा मंत्री शुह वुक ने रानी हो स्मारक और रानी हो पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने रानी हो को भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों का सेतु बताया और कहा कि उनकी वजह से ही सदियों से भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्ते जुड़े हुए हैं। भारत और कोरिया की साझा सांस्कृतिक धरोहर और संस्कृति के जुड़ाव की भी उन्होंने चर्चा की। इसके बाद रक्षा मंत्री लगभग 1 घंटे अयोध्या में रहने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गए। डीएम ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता में कोरिया स्मारक का निर्माण कार्य हो रहा है। किंग पवेलियन, क्वीन पवेलियन सहित महारानी हो की समुद्री यात्रा को दर्शान के लिए तालाब का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसी वर्ष महारानी हो का भव्य स्मारक बनकर तैयार हो जाएगा।