पंचायत का तुगलकी फरमान: किसान संगठन ने लड़कियों के जींस पहनने पर लगाया प्रतिबंध

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. भारतीय किसान संगठन ने लड़कियों के जींस और लड़कों के हाफ पेंट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनण सिंह ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए कहा है कि लड़कियां जींस (Jeans Banned) और लड़के हाफ पेंट पहनकर नहीं घूमें। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी लड़का या लड़की ऐसे मिले तो उनको सामाजिक रूप से दंड दिया जाएगा। इतना ही किसान संगठन ने ऐसे लड़के-लड़कियों काा समर्थन करने वालों का बहिष्कार करने की भी चेतावनी जारी की है।

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दरअसल, मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल थाना क्षेत्र के पीपलशाह गांव में विक्रम मुखिया के यहां मंगलवार शाम को भारतीय किसान संगठन और क्षत्रिय समाज की ओर आरक्षण के मुद्दे को लेकर एक पंचायत (Panchayat) का आयोजन किया गया था। इस पंचायत में पहुंचे किसान नेताओं और अन्य लोगों ने देश की संस्कृति और परिधानों को लेकर अपने पर विचार रखे। इस दौरान भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष पूरण सिंह ने पाश्चात्य संस्कृति का विरोध करते हुए भारतीय परिधानों को वरीयता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारा पहनावा ही हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने पंचायत में मौजूद अन्य वरिष्ठ लोगों से बातचीत के बाद ग्रामीण इलाकों में लड़कियों के जींस के पहनने पर पाबंदी लगा दी। साथ ही कहा कि गांवों के लड़के भी तहजीबदार भारतीय कपड़े ही पहनें। उन्होंने कहा कि जींस पहनने वाली युवतियों और हाफ पेंट पहनने वाले युवकों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

इस दौरान राष्ट्रवादी पार्टी के अध्यक्ष ललित राणा ने प्रदेश सरकार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1995 के अनुसार चक्रीय आरक्षण घोषित कर सरकार ने सामान्य वर्ग के लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना हर व्यक्ति का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार को 2015 में चक्रीय अनुपालन में आरक्षण घोषित करना चाहिए था। उन्होंने बैठक में चेतावनी देते हुए कहा कि सर्वसमाज इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा।

इस दौरान ललित राणा ने सामाजिक कुरीतियों काे खत्म करने पर भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं, ब्लॉक अध्यक्ष बबली शर्मा ने अपील करते हुए कहा कि सामाजिक ताने-बाने को बरकरार रखने की जिम्मेदारी हर किसी की है। इस पंचायत में अलीपुरा के राजवीर सिंह, जिले सिंह, देवेंद्र राणा, भूपेंद्र सिंह, अंकुर, मदन पाल सिंह, डॉ. वहीद और गफ्फार आदि उपस्थित रहे।

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