बीएचयू में धरने पर बैठी महिला प्रोफेसर का आरोप, दलित होने की वजह से हो रहा उत्पीड़न, क्लास लेने से रोकते हैं अन्य शिक्षक

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में एक महिला प्रोफेसर के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पत्रकारिता जनसंचार विभाग में प्रोफेसर के पद पर तैनात शोभना नर्लीकर ने विवि के आला अफसरों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि दलित होने के नाते विवि में उनका मानसिक शोषण किया जाता है। रेगुलर होकर कक्षाएं लेने के बावजूद उन्हें कार्यालय में लीव विदाउट पे दिखाया जाता है। शोभना नार्लीकर ने आरोप लगाया कि 2013 से लगातार विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अफसर और विभाग के प्रफेसर दलित होने के नाते उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। रजिस्ट्रार के लेकर विवि के कई अफसरों से इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इस मामले में कभी सुनवाई नहीं हुई।

क्लास लेने से रोकते हैं अन्य प्रोफेसर

प्रफेसर शोभना नार्लीकर ने ये भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अफसर और विभाग के कुछ प्रफेसर यह नहीं चाहते कि वह विभागाध्यक्ष बनें। विभाग में वह जब भी क्लास लेती हैं तो विभाग के अन्य प्रोफेसर उन्हें क्लास लेने से रोकते हैं। वह उन्हें प्रताड़ित कर उनकी सीनियरिटी को खराब कर रहे हैं। उनका कहना है कि दलित होने के कारण उनके साथ यह भेदभाव किया जा रहा है।

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