सहकारी समिति के पदाधिकारी और बकाएदार नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ. किसी भी सहकारी समिति में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पद पर आसीन व्यक्ति ग्राम पंचायत या न्याय पंचायत सदस्य का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके लिए अपर निर्वाचन आयुक्त की तरफ से प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की संबंधित धारा का उल्लेख करते हुए सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

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जारी निर्देशों में कहा गया कि जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां सभी ब्लाकों के तहत आने वाली समितियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के नाम-पतों की सूची सभी खंड विकास अधिकारियों और सहायक निर्वाचन अधिकारियों को उपलब्ध करा दी जाएं। यह भी कहा कि यह सभी सूचियां सदस्य ग्राम पंचायत और प्रधान ग्राम पंचायत के नाम निर्देशन के समय उनके पास उपलब्ध रहें।

बकाएदार भी नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के बकायेदारों की सूची जिला पंचायत अधिकारी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और मुख्य अधिकारी से तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। नामांकन पत्र प्राप्त करने के लिए निर्धारित स्थान पर यह सूची उपलब्ध करा दी जाए। इससे निर्वाचन अधिकारियों व सहायक निर्वाचन अधिकारियों को ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच करने में आसानी होगी। आयोग ने कहा है कि बकायेदारों को बकाया भुगतान करने के बाद ही एनओसी प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था करें। सभी जिलों में ऐसे बकाएदारों की सूची बनाने के निर्देश आने के बाद इसकी तैयारी शुरू हो गइ है। डीपीआरओ आलोक सिन्हा ने बताया कि सहकारिता विभाग से पदाधिकारियों की सूची और बकाएदारों की सूची मांगी गई है। ये सूची उन सभी जगहों पर लगाई जाएगी जहां पर नामांकन संंबंधी प्रक्रियाए पूरी की जाएगी।