पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल : इमरान खान की जाने वाली है सत्ता ? विश्वास मत से पहले देश के नाम संबोधन में छलका दर्द

क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सत्ता जाने वाली है ? ये सवाल यूँ ही नहीं पूछे जा रहे, बल्कि इस सवालों के पीछे एक वजह है. जिस तरह से इमरान खान से अपने देश के नाम संबोधन में बातें कही उससे तो यही लगता है कि अब वो पाकिस्तान में और अपनी पार्टी में अलग थलग पड़ चुके हैं. वो खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं और इसका दर्द उनके देश के नाम संबोधन में भी छलका. उन्होंने तो ये तक कह दिया कि उनके 15-16 सांसद बिक गए हैं और वह विपक्ष में बैठने को तैयार हैं.

दरअसल, सीनेट में एक कड़े मुकाबले में वित्त मंत्री के चुनाव हारने के बाद इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है. इसके बीच इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि वह अपनी सरकार की वैधता साबित करने के लिए शनिवार को विश्वास मत का सामना करेंगे. लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें अहसास हो गया है कि अब उनक सरकार का टिकना मुश्किल है. राष्ट्र के नाम आपने संबोधन में इमरान खान ने चुनाव आयोग पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग चुनाव में भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम साबित हुआ है.

अपने संबोधन में इमरान खान ने विपक्षी नेताओं पर हमला करते हुए कहा, ‘इनकी सोच थी कि मेरे ऊपर नो कॉन्फिडेंस की तलवार लटकाएंगे और मैं मुझे कुर्सी से प्यार है तो मैं इनके सारे केस खत्म कर दूंगा. मैं खुद विश्वास मत लेने जा रहा हूं. मैं संसद में सबके सामने विश्वास मांगूगा. मैं अपनी पार्टी के लोगों से भी कहता हूं कि आप यदि मेरे साथ नहीं हैं, तो आपका हक है, आप संसद में हाथ उठाकर कह दीजिए. कोई बात नहीं मैं विपक्ष में चला जाऊंगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर मैं सरकार से बाहर होता हूं तो मैं लोगों के पास जाऊंगा और उन्हें देश के लिए अपना संघर्ष जारी रखने के लिए कहूंगा. मैं इन गद्दारों (जिन्होंने देश को लूटा है) को शांति से नहीं बैठने दूंगा। मैं उन्हें गद्दार कहता हूं क्योंकि वे लुटेरे हैं.