यूपी ग्राम पंचायत चुनाव : होली मिलन के बहाने 'प्रधान' साध रहे वोट बैंक

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। उम्मीदवार भी अपने सभी कील कांटे के साथ रणनीति बना रहे हैं। यूपी के कई जिलों में गांवों का माहौल कुछ-कुछ बदला-बदला दिख रहा है। होली मिलन के बहाने 'प्रधान' अपना वोट बैंक साध रहे हैं। इन दिनों गांवों में चचा आदाब और ताउ राम—राम की गूंज सुनाई दे रही है। वोट के चक्कर में इन दिनों गांवों में तमाम उम्मीदवार पुरानी रंजिशें व अदावत भुलाकर हर घर का दरवाजा खटखटा रहे हैं। और होली बधाई के साथ वोट हमें दीजिएगा की रिक्ववेस्ट कर रहे हैं।

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जोर आजमाइशें शुरू :- यूपी ग्राम पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा 26 मार्च को हुई थी। इस घोषणा के साथ ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूबे की 58,194 ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान पद के लिए चुनावी संग्राम के साथ जिला पंचायत संदस्य, ब्लॉक प्रमुख के लिए भी जोर आजमाइश होने लगी है।

होली मिलन बना बहाना :— प्रतापगढ़ के सैफाबाद के एक ग्राम पंचायत में एक उम्मीदवार का कहना है कि भइया, पंचायत चुनाव बहुत ही कठिन है। प्रधानी के इलेक्शन में एक—एक वोट की कीमत है। ऐसे में आपसी मेलजोल और प्रेम से ही चुनाव जीतने की उम्मीद हो सकती है। वोटर बहुत ही जागरूक है, अपना आगा पीछा सब सोचता है। होली मिलन तो हमारे लिए अपने पुराने झगड़े खत्म करने का बहाना है।

2 मई को दिखेंगे नए 'राजा' :- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है। चार चरणों में पंचायत चुनाव होंगे। पहला चरण 15 अप्रैल, दूसरा चरण 19 अप्रैल, तीसरा 26 अप्रैल व चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। 2 मई को मतगणना होगी। उसके बाद पंचायतों में कुछ नए और कुछ पुराने चेहरे नजर आएंगे।

पंचायत चुनाव का पूरा सजरा :- चुनाव आयोग ने बताया कि, कुल 12.39 करोड़ मतदाता में 53.01 फीसदी पुरुष और 46.99 फीसदी महिला मतदाता हैं। 80,762 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 58194 ग्राम प्रधान व 7 लाख ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। जबकि 3051 सदस्य क्षेत्र पंचायत, 826 ब्लाक प्रमुख जबकि 75 जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाएंगे। इनमें 75855 जिला पंचायत के सदस्य चुने जाएंगे

चुनावी रंजिशों पर पुलिस की नजर :- पंचायत चुनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने चुनावी रंजिश में होने वाली वारदातों पर लगाम लगाने के लिए रणनीति तैयार की है। इस संबंध में डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिला कप्तानों को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। नोडल अधिकारियों तैनात किया गए हैं। इसके अलावा अगर उम्मीदवारों में किसी प्रकार की कोई रंजिश है तो आपस में सहमति से उसका निस्तारण तुरंत कराने के निर्देश हैं।