केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने विपक्ष को दिया ये खुला चैलेंज

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. तीन कृषि कानूनों के विरोध में तीन माह से किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। इन कानूनों के खिलाफ किसान नेता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिसके चलते कांग्रेस और रालोद समेत कई राजनीतिक दल किसानों के समर्थन में खुलकर मैदान में आ रहे हैं। राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी प्रदेश में ताबड़तोड़ रैलियों से सत्ता पक्ष की नींव हिला रहे हैं, जिसके चलते भाजपा के नेता पहले तो खाप चौधरियों से मुलाकात करते नजर आए और अब भाजपा ने भी किसान मजदूर महासम्मेलन शुरू कर दिए हैं।केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने विपक्षी नेताओं को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि वे पहले भी चुनाव लड़े हैं और अब 2022 आ रहा है, उसमें भी लड़ें और फिर 2024 में भी लड़ें। क्षेत्र की जनता उन्हें वोट से जवाब देगी।

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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र के गांव लुहसाना में भाजपा का पहला किसान मजदूर महासम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक और क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश मोहित बेनीवाल समेत दर्जनों भाजपा नेता शामिल हुए। गौरतलब है कि यह क्षेत्र भारतीय किसान यूनियन के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत का गढ़ माना जाता है। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि भाजपा ने भारतीय किसान यूनियन के गढ़ में सेंध लगाने का काम शुरू कर दिया है, जिसमें बहाना जिला पंचायत चुनाव का है। कार्यक्रम के संयोजक वार्ड-23 से जिला पंचायत सदस्य अवनीश चौधरी रहे, जिन्होंने इस किसान मजदूर महासम्मेलन में केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, विधायक उमेश मलिक और जिला पंचायत कोटा से खुद कराए गए विकास कार्य गिनाते हुए क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त किया।

विधायक उमेश मलिक ने भी अपने भाषण में विकास कार्यों के साथ-साथ हिंदू-मुस्लिम और पुरानी सरकार द्वारा बदले की भावना से किए गए काम याद दिलाए। उन्होंने 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों की याद दिलाते हुए कहा कि पिछली सरकारों में बदले की भावना से काम किया जाता था और केवल एक वर्ग विशेष के लोगों को ज्यादा सम्मान दिया जाता था। भाजपा की सरकार जब से केंद्र और प्रदेश में आई है, तबसे बदले की भावना से काम करने वाले लोग अब कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के एक मुस्लिम नेता गुलाम मोहम्मद जोला का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी ऐसे लोगों को तवज्जो दे रहे हैं, जिनके हाथ हमारे भाइयों के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने डॉ. संजीव बालियान की मंच से तारीफ करते हुए कहा कि बालियान जैसा सांसद मुजफ्फरनगर को पहली बार मिला है। उन्होंने 70 साल के राजनीतिक इतिहास का भी जिक्र किया।

वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने तीनों कृषि कानूनों को किसानों के फायदे का सौदा बताते हुए कहा कि वर्तमान में हम लोग कॉन्ट्रैक्ट खेती ही कर रहे हैं, क्योंकि हम गन्ने की खेती करते हैं तो शुगर मिल से हमारा कांट्रेक्ट रहता है और बाकी खेती के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हित के लिए कृषि कानून लाए हैं। उन्होंने भी मुजफ्फरनगर में हुए 2013 में सांप्रदायिक दंगों का जिक्र किया और कांग्रेस-रालोद पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्रीय दल के नेता पहले हेलीकॉप्टर से आते थे। आज वे हमारी बनाई हुई सड़क पर दिल्ली से सौरम तक आ रहे हैं। ऐसे नेता आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन हमें यही रहना है। उन्होंने कहा कि किसी के लिए हमें आपस में नहीं झगड़ना चाहिए। बालियान ने विपक्षी नेताओं को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि वे पहले भी चुनाव लड़े हैं और अब 2022 आ रहा है, उसमें भी लड़ें और फिर 2024 में भी क्षेत्र की जनता उन्हें वोट से जवाब देगी। इसके बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर करारा प्रहार किया।

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