जनगणना की तैयारियों पर कोरोना ने फेरा पानी, जानिए कब होना था घर-घर का सर्वे

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। कोरोना काल न होता तो अब तक जनगणना भी हो चुकी होती। अब तक बेघरों का सर्वे शुरू हो गया होता। लेकिन मार्च 2020 से कोरोना ने ऐसा कहर बरपाया कि सारी तैयारियों पर पानी फिर गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 मई से 30 जून 2020 तक हाउस होल्ड सर्वे हो गया होता। एक से 28 फरवरी 2021 के बीच जनगणना होनी थी। इसके बाद एक मार्च से 10 मार्च 2021 के बीच बेघरों का सर्वे होना था। कोरोना ने इस पूरी प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिए हैं।

जनगणना के लिए मार्च 2020 में 128 यूनिटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। ये यूनिटें हाउस होल्ड सर्वे के लिए नगर निगम, नगर पंचायत, तहसील, ब्लॉक स्तर पर कार्मिकों को प्रशिक्षण देती। ये काम शुरू हो पाता, उससे पहले ही कोरोना की वजह से फील्ड यूनिटों का प्रशिक्षण बंद कर दिया गया। इसके चलते हाउस होल्ड सर्वे की पूरी कवायद ही बंद हो गई। अनलाक की प्रक्रिया के तहत एक जून से सरकारी कार्यालय भले ही खुल गए लेकिन जनगणना के संबंध में कोई कार्य नहीं हुआ।

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2011 के अनुसार जिले की आबादी :—

बता दें कि 2011 की जनगणना के अनुसार मेरठ जिले की आबादी 3,443,68 9 है। जो लगभग पनामा देश या कनेक्टिकट राज्य के बराबर है। यह भारत में 94 वें स्थान पर है। जिले में प्रति वर्ग किलोमीटर(3,4 9 0 / वर्ग मील) 1,346 निवासियों की जनसंख्या घनत्व है। 2001-2011 के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर 14.8 9% थी। जिले के प्रत्येक 1000 पुरुषों के लिए 886 महिलाओं का ***** अनुपात है। जो 908 के औसत औसत से कम है। जबकि बाललिंग अनुपात 852 है, जो 898 के राज्य औसत से कम है। जिले में साक्षरता दर 72.84% है, जो राज्य औसत औसत 69.72% से अधिक है। जनगणना के लिए दिसंबर 2019 में ही चार मास्टर तैयार कर दिए गए थे।

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जनगणना में ये भी जुटानी थी जानकारी :—

- घर में कितने सदस्य हैं।

- घर में बिजली, पानी का कनेक्शन है या नहीं।

- घर में कितनी साइकिल, दोपहिया वाहन, कार या अन्य कोई वाहन है या नहीं।

- घर के सदस्य इंटरनेट प्रयोग करते हैं या नहीं।

- घर में टीवी, फ्रिज, मोबाइल फोन है या नहीं।