मार्केट में खूब हो रही नकली गुड़ की बिक्री, ऐसे करें पहचान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गन्ने की अधिक पैदावार होती है। ये तो आपको पता ही होगी गुड़ गन्ने के रस के तैयार किया जाता है, लेकिन कुछ व्यापारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए बाजार में नकली गुड़ की बिक्री कर रहे हैं। बाजार में नकली गुड़ और असली गुड़ की पहचान करना लोगों को बड़ा मुश्किल होता है क्योंकि लोगों को नकली और असली गुड़ पहचान के बारे में पता ही नहीं होता है। इसलिए आप बाजार से नकली गुड़ ही खरीद कर ले आते हैं। अगर आप बाजार से गुड़ खरीदने जा रहे हैं तो पहले असली गुड़ की पहचान कर लें इसके बाद ही बाजार से गुड़ खरीदें। अन्यथा आप ठगी का शिकार हो सकते हैं। और नकली गुड़ खाने से आपकी और बच्चों की सेहत खराब हो सकती है।

आपको बता दें कि गुड़ को वेट लॉस के लिहाज से बहुत अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह एक शक्तिवर्धक और गर्म तासीर वाला खाद्य पदार्थ है। गुड़ में कई पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। लेकिन, आपको गुड़ के ये सभी लाभ तभी मिल सकेंगे जब असली गुड़ का सेवन करेंगे। असली और नकली गुड़ में क्या अंतर होता है और नकली या असली गुड़ पहचान घर पर कैसे की जाए। इसके बारे में जरूर जान लें। नहीं तो आपको की समस्याएं का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे करें असली और नकली गुड़ की पहचान

आपको बता दें कि पारम्परिक तरीके से बनाए गए गुड़ को खुले बर्तनों में पकाया जाता है। जिससे, इसमें मौजूद पानी भाप बनकर उड़ जाए। इस गुड़ को बनाते समय इसमें कुछ नैचुरल चीज़ें मिलाई जाती हैं, जिससे यह गुड़ साफ हो जाता है। इसी तरह गन्ने के रस को उबालने से उसमें मौजूद बैक्टेरिया या अशुद्दियां भी पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं। पकने के बाद इस गुड़ की रंगत गाढ़े भूरे या गहरे लाल रंग की हो जाती है। जब इसी गुड़ को पानी या दूध में मिलाया जाता है तो इसमें किसी प्रकार का रिएक्शन नहीं होता और न ही इसकी रंगत में कोई बदलाव होता है। शुद्ध गुड़ पानी में आसानी से घुल जाता है।

नकली गुड़ की है यह पहचान

असली गुड़ की तुलना में नकली गुड़ की शुद्धता समान स्तर की नहीं पाई जाती है। वहीं, आमतौर पर मिलावट वाला नकली गुड़ का रंग गहरे लाल रंग की बजाय हल्का पीला, सफेद या चमकीला लाल होता है। इस गुड़ को जब पानी में घोला जाता है तो गुड़ के साथ की सारी मिलावटी चीज़ें पानी में नीचे जमा होने लगती हैं। यह नकली गुड़ की पहचान होती है।

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