भारत बायोटेक या सीरम इंस्टिट्यूट : पीएम मोदी ने लगवाई किसकी वैक्सीन ? सवाल से उठ गया पर्दा

पीएम मोदी ने सोमवार की सुबह कोरोना वैक्सीन की पहल डोज लगवाई. सोमवार से ही वैक्सीनेशन कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू हो रहा है.पीएम मोदी ने वैक्सीन लगवा कर कई सन्देश दिए. राजनीतिक संदेश विपक्षी दलों के लिए था जो वैक्सीन पर सवाल उठा रहे थे और दूसरा सन्देश देशवासियों के लिए था कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन सबके मन में एक सवाल पैदा हुआ और वो सवाल था कि पीएम मोदी ने कौन सी वैक्सीन लगवाई है? क्योंकि सरकार ने दो वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी.एक सीरम इंस्टिट्यूट की कोवीशील्ड और दूसरी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जो वैक्सीन लगवाई, वो कोवैक्सीन है. इसे भारत बायोटेक ने डेवलप किया है. इस वैक्सीन को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा था कि सरकार ने बिना पूरी तरह ट्रायल के ही इसे मंजूरी दे दी. इसके अलावा सीरम इंस्टिट्यूट के साथ वैक्सीन को लेकर भारत बायोटेक का विवाद भी हुआ था. लेकिन पीएम मोदी ने खुद भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का डोज लगवा कर सभी सवालों और विवादों पर विराम लगा दिया.

कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी तक ने वैक्सें पर सवाल उठाये थे. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि सबसे पहले पीएम मोदी को ही वैक्सीन लगवाना चाहिए. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तो इसे भाजपा का वैक्सीन बता दिया था.

दुसरे चरण के वैक्सीनेशन के लिए सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है. को-विन2.0 पोर्टल पर वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हो गया. इस बार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। निजी अस्पतालों में वैक्सीन के एक डोज की कीमत केंद्र सरकार ने अधिकतम 250 रुपये तय की है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन पहले की तरह फ्री रहेगी.