कोल्ड स्टोरेज में गैस रिसाव से दो मजदूरों की मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा

सीतापुर. राजधानी लखनऊ के इटौंजा स्थित विन्देश्वरी कोल्ड स्टोरेज में अचानक अमोनिया गैस रिसाव से तेज धमाका हुआ और वहां काम कर रहे आधा दर्जन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उपचार के दौरान 2 मजदूरों की मौत हो गयी। कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधन द्वार शवो को पोस्टमार्टम कराकर शवों को उनके गांव भेज दिया और जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया। कोल्ड स्टोरेज के इस तानाशाही रवैये से नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और शव को सड़क पर रखकर जाम लगाकर आर्थिक सहायता की मांग की। स्थानीय पुलिस और बीजेपी विधायक के आस्वाशन के बाद परिजन माने और हंगामा खत्म कर शव का अंतिम संस्कार किया। बीजेपी विधायक के मुताबिक परिजनों ने 10-10 लाख रुपये के आर्थिक सहायता की मांग की हैं जिसे कल पूरा करा दिया जाएगा। फैक्ट्री में घायल हुए मजदूरों का उपचार किया जा रहा है।

गैस रिसाव से तेज धमाका

मामला लखनऊ के इटौंजा स्थित विन्देश्वरी कोल्ड स्टोरेज का है। यहां बीती रात गैस रिसाव के चलते तेज धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि वहाँ काम कर रहे आधा दर्जन मजदूर धमाके की वजह से घायल हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक,फैक्ट्री में काम कर रहे दो मजदूर सीतापुर के संदना इलाके के रहने वाले थे जिसमें धर्मेंद्र और मिश्रीलाल मजदूर शामिल थे। बीती रात हुए हादसे में धर्मेंद्र और मिश्रीलाल की मौत हो गई और प्रबंधन ने देर रात ही शव का पोस्टमार्टम करवाकर शवों को सीतापुर भिजवा दिया। कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन के तानाशाही रवैये से नाराज परिजनों ने 10 लाख रुपये के आर्थिक सहायता की मांग की और प्रबंधन की तरफ से हिलावाहली देख परिजनों ने शव को ठेलिया पर रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया।

विधायक के आश्वासन के बाद माने परिजन

प्रदर्शन की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की लेकिन परिजन तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग पर अड़े रहे। कई घण्टों तक चले हंगामी प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय बीजेपी विधायक रामकृष्ण भार्गव ने परिजनों से बातचीत की और 50 हजार रुपये नगद सहित 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलवाने के आश्वासन दिया जिसके बाद परिजन माने और प्रदर्शन खत्म कर दिया। विधायक के आश्वासन के बाद खत्म हुए प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।