भूमाफिया उजाड़ रहे गरीबों की बस्ती, पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप

बाराबंकी. इसे निजाम का बदलना कहें या कुछ और क्योंकि कुछ साल पहले जहां पुलिस गरीबों के पास जाकर त्यौहारों में खुशियां बांटती थी। उन्हीं गरीबों की बस्ती को जब कुछ भू-माफिया आज उजाड़ने पर अमादा हैं। तो पुलिस ने वहां से मुंह फेर लिया। आज जब इन गरीबों के साथ जब अन्याय हो रहा है तो यह गरीब कहा जाएं, इनकी कुछ समझ में नहीं आ रहा। पुलिस इनकी सुन नहीं रही और शहर का कोई नागरिक इनके पक्ष में खड़ा नहीं हो रहा।

भूमाफिया उजाड़ रहे गरीबों की बस्ती

बाराबंकी जनपद की नगर कोतवाली इलाके की यह बेशकीमती जमीन मुख्यालय के जेब्रा पार्क के पीछे की है। जहां दैनिक मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले कुछ परिवार पिछले 30 से 40 सालों से निवास करते हैं। दो-तीन वर्षों पूर्व इन गरीबों के बीच आकर बाराबंकी पुलिस इन्हें दिवाली के पटाखे, मिठाई, दिए और होली में रंग-गुलाल, गुझिया देकर धन्य होते थे। गरीबो की यह बस्ती दिवाली में रौशनी से सराबोर और होली के हुडदंग में पुलिस के रहमों करम से पागल हो जाया करती थी। मगर आज यहां गिरी हुई झोपड़ी, टूटी कच्ची दीवार ही दिखाई देती है। यहां तक कि इनके घर के चूल्हे और पानी की टंकी भी तोड़ दी गयी। सीधे तौर पर कहा जाए तो आज यहां मातम का माहौल है।

बस्ती खाली करने की दी धमकी

इनकी इस दुर्दशा का कारण इनकी बस्ती की जमीन का बेशकीमती होना है और उनकी इसी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर पड़ गयी है। इन गरीबों का आरोप है कि पहले कुछ गुण्डे रात के अंधेरे में आये और उनके साथ मारपीट करते हुए बस्ती खाली करने की धमकी दी फिर दिन के उजाले में आकर घर की महिलाओं, पुरुषों, बच्चों के साथ तो मारपीट की ही साथ ही उनके पालतू जानवरों को भी नहीं छोड़ा। बस्ती की महिलाओं का आरोप है कि भूमाफियाओं की शिकायत लेकर उनके घर के पुरुष पुलिस के पास गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें थाने पर ही बैठा लिया।

पुलिस नहीं कर रही मदद

बस्ती की महिलाओं ने बताया कि भूमाफियाओं ने वह जिस तरह की अराजकता फैलाई उससे वह लोग काफी डरे हुए हैं क्योंकि दहशत फैलाने के लिए जहां उन लोगों ने कुछ झोपड़ियों में आग लगाई, महिलाओं के साथ मारपीट की, पुरुषों-बच्चों को मारा पीटा और जब इससे भी उनका मन नहीं भरा तो उनके घर के पालतू जानवरों को भी घायल कर दिया। जिससे अब वह जानवर चारा नहीं खा पा रहे हैं। नगर पालिका द्वारा जो पानी की छोटी पाइप लाइन टंकी उनके पानी पीने के लिए बनवायी थी, उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। अब उनके पास पानी की भी बड़ी समस्या है। महिलाओं ने यह भी बताया कि जिस जमीन पर उन्होंने ठिकाना बना रखा है वह ग्राम समाज की है। अब पुलिस भी उनकी कोई मदद नहीं कर रही है।