कोरोना संक्रमण फैलाने के बाद तब्लीगी जमातियों ने कबूला अपना जुर्म, अब कोर्ट देगा ये सजा

थाईलैंड , इंडोनेशिया और तमिलनाडु से आए जमातियों ने कोरोना महामारी संक्रमण फैलाने व पासपोर्ट एवं विदेशी अधिनियम का उल्लंघन करने पर फंसे 21 जमातियों के खिलाफ सीजेएम यशपाल सिंह ने कोर्ट में अपना फैसला सुना दिया हैै.जानकारी देते हुए बता दे कि लॉकडाउन लगने के बाद सभी जमातियों को मुरादाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था इसके साथ ही  30 मार्च 2020 में नगीना पुलिस ने  5 बिजनौर के और 8 इंडोनेशिया के जमातियों को गिरफ्तार किया था.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इंडोनेशिया के जमातियों पर पासपोर्ट व विदेशी अधिनियम के साथ-साथ महामारी अधिनियम के खिलाफ कार्यवाही की है. तब्दीली जमातियों ने जेल में रहने के बाद महामारी फैलाने के आरोप से रिहा करने की अर्जियां भी दी थी लेकिन इसको खारिज कर दिया गया था.

  मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई जिसके बाद इंडोनेशिया व बिजनौर के जमानतियों ने अपना जुर्म कबुल कर अपनी सजा को कम से कम करने की गुहार लगाई है.अदालत ने इंडोनेशिया में पकड़े गए 5 जमातियो को जेल में बितायी गई अविधि सजा के बाद प्रत्येक जमाती से सात हजार नौ सौ रुपये जुर्माना लगाया  गया है.वहीं बिजनौर से पकड़े गए 5 जमातियो की जेल की सजा की अवधि के साथ हिरासत में रहने की सजा सुनाई है और नगीना से पकड़े गए 5 जमातियो को प्रत्येक से दो हजार नौ सौ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके साथ ये भी कहा है कि जो  जुर्माना नहीं अदा करेगा उसको एक माह की अतिरिक्त सजा भी दी जाएगी.