उत्तराखंड के बाद आज हरियाणा में बड़ी राजनीतिक हलचल, खट्टर सरकार के खिलाफ कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव

उत्तराखंड के बाद आज हरियाणा की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है. हरियाणा की खट्टर सरकार के खिलाफ भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. कांग्रेस ये अविश्वास प्रस्ताव किसान आंदोलन के मुद्दे पर ला रही है. इस अविश्वास प्रस्ताव पर दो घंटे बहस चलेगी. कांग्रेस का दावा है कि किसान आंदोलन की वजह से सरकार में असंतोष है. कई निर्दलीय विधायकों और जेजेपी के समर्थन से चल रही सरकार में कई विधायक किसानों के समर्थन में है. हालाँकि अगर आंकड़ों के लिहाज से देखें तो खट्टर सरकार की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है.

आंकड़ों में सरकार भले ही मजबूत स्थिति में दिखे लेकिन उसे क्रॉस वोटिंग का डर भी सता रहा है. किसानों के मुद्दे पर कई निर्दलीय विधायक और जेजेपी के कई विधायक दबाव की स्थिति में हैं. हरियाणा में किसान संगठनों और खाप पंचायतों का बड़ा प्रभाव है. उन्होंने खट्टर सरकार को समर्थन दे रहे जेजेपी विधायकों और निर्दलीय विधायकों पर दवाब बना रखा है कि वो इस अविश्वास प्रताव का समर्थन करे.

भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने अपने विधायकों को व्हिप जारी कर विधानसभा में उपस्थित होने को कहा है. 90 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 45 सदस्यों की जरूर है. भाजपा के पास 40 विधायक हैं जबकि उसे समर्थन दे रही जेजेपी के पास 10 विधायक हैं.भाजपा को 5 निर्दलीय विधायकों काभी समर्थन हासिल है. 2 निर्दलीय विधायक सरकार से अपना समर्थन वापस ले चुके हैं. इस तरह से भाजपा अपने समर्थन में 55 सदस्यों के होने का दावा कर रही है. अविश्वास प्रस्ताव ला रही कांग्रेस के पास 30 विधायक हैं.

कांग्रेस की नज़र जेजेपी के विधायकों पर है. जेजेपी के कई विधायक किसान आंदोलन के समर्थन में बयान दे चुके हैं. उनके ऊपर अलग अलग पंचायतों का दवाब भी पड़ रहा है. कई विधायकों को गाँवों में बहिष्कार का सामना भी करना पड़ रहा है. हालाँकि सरकार के लिए राहत की बात ये है कि पांच निर्दलीय विधायकों ने साफ़ किया है कि वो सरकार के साथ हैं.लेकिन फिर भी सरकार क्रॉस वोटिंग की आशंका से मुक्त नहीं है. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और अविश्वास प्रस्ताव ला रहे सीनियर कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर विधायकों को अपने विवेक से काम लेना चाहिए और जिन किसानों के समर्थन से वो विधायक बने हैं उन किसानों का समर्थन करना चाहिए. सबकी नज़रें आज अविश्वास प्रस्ताव के दौरान होने वाली वोटिंग पर है.